Bhandara News: 6 लाख मजदूरों को ‘वीबी जी राम जी’ का इंतजार, मनरेगा की जगह लेगी नई रोजगार योजना
VB G ram G Scheme: भंडारा जिले में 6 लाख से अधिक मजदूर नई ‘वीबी ग्राम जी’ योजना के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके तहत अब 125 दिन रोजगार, बेरोजगारी भत्ता और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bhandara rural employment (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Rural Employment: ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी अभियान, अर्थात ‘वीबी जी राम जी’ नामक नई योजना को आधिकारिक मंजूरी दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत मजदूरों को अब वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। हालांकि, भंडारा जिले में इस योजना का प्रत्यक्ष क्रियान्वयन अभी शुरू नहीं हुआ है, जिससे जिले के 6 लाख से अधिक पंजीकृत मजदूरों की नजरें नई व्यवस्था और इसके प्रावधानों पर टिकी हैं।
भंडारा जिले की 547 ग्राम पंचायतों में रोजगार गारंटी योजना के तहत 2 लाख 88 हजार 242 परिवार पंजीकृत हैं। इनमें कुल 6 लाख 31 हजार 282 लोग मजदूर के रूप में सक्रिय हैं। पिछले वर्ष स्वीकृत कई कार्य तकनीकी दिक्कतों और समय पर निधि उपलब्ध न होने के कारण अभी भी लंबित पड़े हैं।
2.88 लाख परिवार पंजीकृत
नए कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों में यह भी शामिल है कि काम की मांग करने के 15 दिनों के भीतर यदि प्रशासन रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाता, तो मजदूरों को स्वतः ही बेरोजगारी भत्ता मिलना शुरू हो जाएगा। यह प्रावधान उन मजदूरों के लिए बड़ा सहारा साबित होगा, जिन्हें पहले लंबे समय तक काम का इंतजार करना पड़ता था। हालांकि, वर्तमान में जिले के 140 संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रशासन के सामने इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सम्बंधित ख़बरें
1000 करोड़ की जरूरत, पर बजट नहीं, भंडारा के गोसीखुर्द से 42 गांवों का पुनर्वास अब भी अधर में
भंडारा में 260 ई-रिक्शा सड़कों पर, यातायात व्यवस्था पर बढ़ा दबाव, नियमों के पालन की जरूरत
कोका अभयारण्य में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
महालगांव में जंगली सुअरों का हमला, 4 किसान गंभीर घायल, इलाके में दहशत
चार श्रेणियों में होंगे काम
नए अधिनियम के तहत रोजगार की वार्षिक सीमा 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। साथ ही, बेरोजगारी भत्ते का कानूनी अधिकार भी सुनिश्चित किया गया है। यदि मजदूरी के भुगतान में देरी होती है, तो प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। कार्यों के नियोजन और चयन में ग्रामसभा की भागीदारी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वायत्तता बढ़ेगी। कार्यों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन में बांटा गया है।
बुआई और कटाई के समय काम बंद
प्रशासनिक समन्वय के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कृषि कार्यों के दौरान खेतों में मजदूरों की कमी न हो। इसके लिए राज्य सरकार को बुआई और कटाई के समय 60 दिनों की अवधि अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है। इस अवधि में योजना के कार्य बंद रहेंगे, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जारी मनरेगा के सभी पुराने कार्य पूरे किए जाएंगे, लेकिन नए कार्य केवल ‘वीबी जी राम जी’ योजना के तहत ही शुरू होंगे।
मजदूरों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी
उपजिलाधिकारी (रोजगार) डॉ. प्रशांत पडघाम ने कहा कि केंद्र सरकार की इस संशोधित योजना में रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाना और बेरोजगारी भत्ते जैसे प्रावधान मील का पत्थर साबित होंगे। जिले में इसके पूर्ण रूप से लागू होने से मजदूरों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उनके लिए स्थायी और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
