Bhandara Vayoshri Scheme:भंडारा जिले (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Social Welfare: वृद्धावस्था अपने साथ अनेक गंभीर समस्याएं लेकर आती है। इस उम्र में शारीरिक शक्ति कमजोर होने लगती है और कई तरह की बीमारियां भी घेर लेती हैं। जिन बुजुर्गों के पास परिवार या आर्थिक आधार नहीं होता, उनके लिए यह अवस्था और भी चुनौतीपूर्ण बन जाती है। ऐसे जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को सहारा देने के उद्देश्य से सरकार की ओर से वयोश्री योजना लागू की गई है, जो आज बुजुर्गों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। 1 अप्रैल 2017 से प्रारंभ इस योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों तथा उम्र से संबंधित अक्षमता से पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है।
राज्यभर में अब तक 8,13,826 बुजुर्ग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। भंडारा जिले में कुल 22,858 वरिष्ठ नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला है। वयोश्री योजना के अंतर्गत बुजुर्गों की शारीरिक दुर्बलता और आवश्यकता के अनुसार उपकरण प्रदान किए जाते हैं। इनमें चलने के लिए छड़ी, कोहनी की बैसाखी, वॉकर, ट्राइपॉड या क्वाड पॉड, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, कृत्रिम दांत और चश्मे जैसे आवश्यक साधन शामिल हैं। इसके लिए सरकार की ओर से एक बार में अधिकतम 3,000 रुपये की राशि मंजूर की जाती है। राज्य स्तर पर इस योजना का सर्वाधिक लाभ कोल्हापुर जिले में मिला, जहां 59,476 बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। वहीं, सबसे कम लाभ मुंबई सिटी में केवल 467 बुजुर्गों को मिला।
योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक पहचान पत्र आवश्यक है। इसके साथ ही बीपीएल प्रमाण पत्र, बीपीएल राशन कार्ड या इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने का प्रमाणपत्र भी जरूरी है। वहीं अक्षमता से संबंधित लाभ के लिए चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
ये भी पढ़े: अहिल्यानगर में भाजपा-एनसीपी का चुनाव प्रचार शुरू, रवींद्र चव्हाण का वफ़ादारों को मौका देने का वादा
कुल मिलाकर, वयोश्री योजना ने बुजुर्गों के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान लौटाने का कार्य किया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा हो और DBT में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर कर हर जरूरतमंद बुजुर्ग तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।