नशे में धुत EO का हंगामा, पुणे प्रशिक्षण में गंभीर मामला, प्रशासन में खलबली
EO Drunk Behavior: पुणे में आयोजित यशदा प्रशिक्षण में वर्धा पंचायत समिति के विस्तार अधिकारी सुनील गावंडे ने नशे में हंगामा किया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कार्यमुक्त किया गया और प्रशासनिक कार्रवाई के नि
- Written By: आंचल लोखंडे
EO Drunk Behavior:पुणे में आयोजित यशदा प्रशिक्षण (सोर्सः सोशल मीडिया)
Wardha Panchayat Samiti: पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी (यशदा) में 29 से 31 दिसंबर 2025 तक पंचायत समिति में कार्यरत विस्तार अधिकारियों (EO) के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसी प्रशिक्षण के दौरान वर्धा पंचायत समिति में कार्यरत विस्तार अधिकारी सुनील गावंडे द्वारा 30 दिसंबर को नशे की हालत में हंगामा किए जाने का गंभीर मामला सामने आया।
इस घटना के बाद यशदा के महानिदेशक निरंजनकुमार सुधांशु ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस संबंध में वर्धा जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) पराग सोमण को पत्र भेजा गया, जिसे प्राप्त होते ही प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई।
अनुशासनहीन व्यवहार
वर्धा पंचायत समिति में विस्तार अधिकारी का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है। ग्राम स्तर पर शासन की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायत समिति की बैठकों में सहभागिता, ग्रामसेवकों और कर्मचारियों की निगरानी, प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करना, निधियों के सही उपयोग की जांच, वित्तीय मामलों में मार्गदर्शन और कृषि, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों की नई जानकारी किसानों तक पहुंचाना, ये सभी इस पद से जुड़े महत्वपूर्ण कर्तव्य हैं।
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पुणे प्रशिक्षण के दौरान सुनील गावंडे द्वारा नशे की हालत में अनुशासनहीन व्यवहार करने से प्रशिक्षण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सभी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, सभ्यता और शासकीय आचार संहिता का पालन अनिवार्य होता है, लेकिन गावंडे ने इन नियमों का उल्लंघन किया।
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EO की कार्रवाई पर सबकी नजर
यशदा महानिदेशक द्वारा निर्देश दिए गए कि वर्धा जिला परिषद के CEO पराग सोमण संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित प्रशासनिक कार्रवाई करें और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
प्रशिक्षण से तत्काल कार्यमुक्त
नशे में हंगामा करने के कारण सुनील गावंडे को उसी दिन, 30 दिसंबर 2025 को प्रशिक्षण से तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया। यशदा प्रशासन ने इसे अनुशासन, सभ्यता और शासकीय आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन बताया।
कार्रवाई की रिपोर्ट
CEO पराग सोमण ने कहा कि नियमानुसार उचित कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट पेश की जाएगी।
