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Bhandara News: तुअर उत्पादकों की उम्मीदों पर फिरता पानी, इल्ली के प्रकोप से बढ़ी चिंता

Tur crop: भंडारा में तुअर की फसल पर इल्ली (कीट) का प्रकोप बढ़ने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ी और आर्थिक संकट का खतरा है। किसान सरकारी सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन क

  • By आंचल लोखंडे
Updated On: Jan 06, 2026 | 06:09 PM

Tur crop:भंडारा में तुअर की फसल (सोर्सः सोशल मीडिया)

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Bhandara Farmers: इस वर्ष की शुरुआत में कभी कम तो कभी अधिक बारिश और बाद में लगातार हुई वर्षा के कारण खरीफ की पहली फसल सोयाबीन पूरी तरह किसानों के हाथ से निकल गई। जो फसल बची, उसमें दाने ठीक से नहीं भरे, जिससे किसानों को लगाया गया खर्च भी नहीं निकल सका और वे आर्थिक संकट में फंस गए। किसान इस नुकसान की भरपाई तुअर की फसल से होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अब तुअर की फसल पर भी इल्ली (कीट) का प्रकोप बढ़ने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

तुअर की फसल को बचाने के लिए किसानों को कीटनाशकों का अतिरिक्त छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत और बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में सोयाबीन की बुआई का रकबा तेजी से बढ़ा है। अपेक्षाकृत कम लागत, उत्पादन में स्थिरता और बाजार में अच्छी मांग के कारण बड़ी संख्या में किसान इस फसल की ओर आकर्षित हुए हैं। अधिकांश किसान सोयाबीन के साथ तुअर की अंतर फसल लेते हैं। तुअर को किसानों के लिए अतिरिक्त आय देने वाली फसल माना जाता है, जो कई बार सोयाबीन के उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव की भरपाई करने में सहायक होती है।

फसल को नुकसान

वर्तमान में तुअर की फसल अच्छी अवस्था में है और फूल आने की अवस्था में पहुंच चुकी है। हालांकि, इस वर्ष मौसम की अनियमितता और बढ़ी हुई नमी के कारण तुअर पर इल्ली का प्रकोप बड़े पैमाने पर देखा जा रहा है। फल लगने की महत्वपूर्ण अवस्था में कीटों की ओर से फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। फसल को बचाने के लिए कई किसान आर्थिक तंगी के बावजूद कृषि सेवा केंद्रों से महंगे कीटनाशक उधार लेकर तुरंत छिड़काव कर रहे हैं।

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लागत में काफी वृद्धि

दवा की बढ़ती कीमतें, मजदूरी का खर्च और बार-बार छिड़काव की आवश्यकता के कारण उनकी लागत में काफी वृद्धि हो गई है। यदि इल्ली का प्रकोप इसी तरह बढ़ता रहा, तो तुअर की फसल बड़े पैमाने पर नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही उत्पादन लागत बढ़ी होने के कारण यदि तुअर का उत्पादन कम हुआ, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो जाएगी। ऐसे में किसान वर्ग की ओर से तत्काल सरकारी सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रभावी कीट नियंत्रण उपायों की मांग की जा रही है।

Tur farmers hope hindered by pest outbreak bhandara

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Published On: Jan 06, 2026 | 06:09 PM

Topics:  

  • Agriculture Crops
  • Bhandara News
  • Maharashtra
  • Vidarbha Farmers

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