

Pond Dam Burst Sakoli: साकोली तहसील के सुंदरी गांव में मंगलवार की रात हुई मूसलाधार बारिश किसानों के लिए भारी तबाही लेकर आई। लगातार हुई तेज बारिश के कारण गांव के तालाब का बांध टूट गया, जिससे तालाब का पानी और मिट्टी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों में फैल गई। लगभग 20 से 25 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। 8 से 9 किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल पंचनामा कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। बांध टूटते ही खेतों में घुसा पानी: प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुंदरी गांव के सर्वे क्रमांक 47, 48 और 49 स्थित तालाब का बांध लगातार बारिश के दबाव को सहन नहीं कर सका और अचानक टूट गया। बांध टूटते ही तालाब का पानी तेज गति से खेतों की ओर बह निकला।
पानी के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा भी खेतों में जमा हो गया, जिससे धान की खड़ फसल पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो गई कई खेतों में फसल पूरी तरह बह गई जबकि कुछ खेतों में मोटी गाद जम जाने से खेती योग्य भूमि भी प्रभावित हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों में विजय झोडे, योगेंद्र झोडे, अरविंद झोडे, - देवराम झोडे, धीरज झोडे तथा शिवशंभू - झोडे सहित अन्य किसान शामिल हैं।
किसानों ने बताया कि इस वर्ष पहले ही मानसून की अनियमित बारिश के कारण खेती प्रभावित थी, बड़ी उम्मीदों के साथ धान की खेती की गई थी, लेकिन एक ही रात में हुई इस घटना ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब उन्हें खेती में लगाए गए बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी का खर्च निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते तालाब के बांध की मरम्मत और मजबूतीकरण कराया गया होता तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। ग्रामीणों का आरोप है कि बांध की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी, लेकिन संबंधित विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसानग्रस्त फसलों का तत्काल पंचनामा कर उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही तालाब के टूटे हुए बांध का स्थायी रूप से पुनर्निर्माण कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उनके सामने आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। ऐसे में राहत प्रदान करने के साथ-साथ तालाब की मरम्मत को प्राथमिकता देना आवश्यक है।