दूध में यूरिया, कास्टिक सोडा और रिफाइंड तेल की मिलावट! स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
Adulterated Milk: तुमसर में दूध में मिलावट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी दूध से पेट संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
- Written By: महाराष्ट्र डेस्क
Untitled design (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara FDI Investigation: वर्तमान में बाजार में सभी खाद्द पदार्थो में मिलावट की जा रही है। इसी कड़ी में दूध में भी भारी मिलावट की जा रही है। ऐसे में विक्रेता से दूध खरीदते समय इसकी शुद्धता के बारे में पता कर लेना आवश्यक है। अन्यथा हानिकारक तत्वों की मिलावट के कारण पूरे परिवार के स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है। शहर के कई डेयरियों व खुला दूध बेचने वालों के दूध में मिलावट पाई जा रही है।
बताया जाता है कि, वर्तमान में अनेक दूध डेयरी एवं विक्रेताओं द्वारा अधिक मुनाफ़ा कमाने के चक्कर में दूध में कास्टिक सोडा, यूरिया, रिफाइंड आयल मिलाकर डाला जाता है एवं दूध में मलाई आ जाए, इसके लिए आरारोट डाला जाता है। दूध को सफेद करने के लिए सफेद स्याही का उपयोग किया जाता है। अब अगर दूध को खोया बनाना हो तो उसमें आलू या फिर सोख्ता कागज मिलाकर उसे जलाया जाता है यह नकली दूध शरीर के लिए बहुत नुकसानदेह है।
मिलावटी दूध से होती है पेट की बीमारियां
नकली एवं मिलावटी दूध से सबसे ज्यादा पेट संबंधित बीमारियां होती हैं। मिलावटी दूध से पेट में एंठन एवं अपच की समस्यास हो सकती है, यदि आप लगातार नकली दूध का सेवन कर रहे हैं तो गैस्टिक की समस्याय हो सकती है, अपच एवं अनिद्रा का कारण नकली दूध हो सकता है पेट में संक्रमण भी मिलावटी एवं केमिकलयुक्त दूध के कारण होता है।
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दूध में मिलाते हैं सोड़ा
बताया जाता है कि कई दूध विक्रेता दूध की टंकियों को दोपहिया वाहन पर बांधकर दूध शहर में बेचने के लिए आते हैं। दूध के सुरक्षित रहने का समय अधिकतम 2 घंटे रहता है, जबकि दूध वालों को शहर आने व घर-घर बांटने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है। इसको लेकर अधिकतर दूधिए दूध को सुरक्षित रखने के लिए उसमें खाने का सोड़ा मिलाते हैं।
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हरकत में आए प्रशासन के अधिकारी
खाद्यान्न विभाग के अधिकारियों द्वारा शहर के कुछ डेयरियों में पहुंचकर सैंपल जमा किए गए हैं। इसकी जांच के बाद पता चलेगा उसमें कितने प्रमाण में मिलावट है एवं संबंधितों पर क्या कार्रवाई की जाती हैं।
दोषियों के खिलाफ करे कार्रवाई
उन्होंने बताया कि, यहा के कुछ डेयरी संचालक कम दाम में ओरिजनल दूध खरीदकर लाते हैं एवं यहा अपनी डेयरियों में भारी मात्रा मिलावट कर क्षेत्र एवं अन्य स्थानों पर ले जाकर बेचते हैं। इसके माध्यम से उन्हें लाखो रुपयो की आमदनी तो होती है, लेकिन रुपये कमाने के चक्कर में इससे होने वाले दुष्परिणाम को भूल जाते है जांच अधिकारी भी अपनी जेब गरम कर अच्छा दूध होने का प्रमाण देते हैं। इसकी उच्च स्तर पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
