लखनऊ में 90% जगह अवैध है, क्या वहां भी बुलडोजर चलेगा? जौहर यूनिवर्सिटी मामले पर वारिस पठान का तीखा हमला
Jauhar University Demolition: जौहर यूनिवर्सिटी को बुलडोजर से ढहाने के आदेश पर AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने यूपी सरकार को घेरा। पूछा- क्या अवैध बताकर पूरे लखनऊ पर बुलडोजर चलाएंगे?
- Written By: गोरक्ष पोफली
वारिस पठान का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Waris Pathan Statement Jauhar University Demolition: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को बुलडोजर से ढहाने के आदेश पर मचे घमासान के बीच AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर रुख अपना लिया है। अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर पठान ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि अगर अवैध अतिक्रमण ही कार्रवाई का आधार है, तो क्या सरकार पूरे लखनऊ शहर पर बुलडोजर चलाएगी? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को शिक्षा और छात्रों से नफरत है।
क्या पूरे लखनऊ को ढहा देंगे?
वारिस पठान ने जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के डीएम के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर कोई निर्माण अवैध लगता है, तो कानून के तहत उसे कंपाउंडिंग या नियमित करने के प्रावधान हर राज्य में मौजूद होते हैं। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा, लखनऊ के अंदर 90% ऐसी जगहें हैं जो अवैध हैं, क्या आप उन सबको भी बुलडोजर से उड़ा देंगे? पठान यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि चर्चा तो यहां तक है कि जिस कार्यालय में बैठकर जिला मजिस्ट्रेट आदेश दे रहे हैं, वह जगह भी नियमों के दायरे में नहीं है, तो क्या उस पर भी बुलडोजर चलेगा?
भाजपा पर अनपढ़ होने का तंज
यूनिवर्सिटी के समर्थन में उतरते हुए वारिस पठान ने कहा कि वहां 2,500 से 3,000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और किसी भी सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने भाजपा पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा, भाजपा वाले पढ़े-लिखे नहीं हैं, उन्हें शिक्षा और शिक्षण संस्थानों का महत्व समझ नहीं आता। उनके मन में छात्रों और शिक्षा के प्रति नफरत है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार को केवल उस नाम से दिक्कत है जिसने यूनिवर्सिटी बनाई है या फिर उन्हें पढ़ाई-लिखाई से ही परहेज है?
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Mumbai, Maharashtra: On the Mohammad Ali Jauhar University matter, AIMIM National Spokesperson Waris Pathan says, “…If you think it is an illegal encroachment, then under the provisions of the law, you can compound it. And 90% of Lucknow has places that are illegal — will you… pic.twitter.com/q362mVQx5o — IANS (@ians_india) July 27, 2026
बुलडोजर की कार्रवाई रुकने पर जताई खुशी
पठान ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी को बुलडोजर से ढहाने का कार्यक्रम रद्द या टाल दिया गया है। उन्होंने इसे उन छात्रों की जीत बताया जिन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा, मैं उन सभी छात्रों को मुबारकबाद पेश करता हूं जिन्होंने संघर्ष किया और अपनी शिक्षा के मंदिर को बचाया।
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नक्शों और दस्तावेजों पर घेरा
वारिस पठान ने चुनौती देते हुए कहा कि ऐसी कई यूनिवर्सिटी और इमारतें हैं जिनके पास पूरे दस्तावेज या नक्शे नहीं होंगे, लेकिन केवल एक विशेष नाम से जुड़े होने के कारण जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और चुनिंदा कार्रवाई राजनीति से प्रेरित नजर आती है।
फिलहाल, इस मामले ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में बुलडोजर संस्कृति बनाम संवैधानिक प्रक्रिया की बहस को छेड़ दिया है। वारिस पठान के इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी हलचल पैदा कर दी है, जहां लोग लखनऊ के 90% अवैध होने के उनके दावे पर चर्चा कर रहे हैं।
