अकोला में ऑपरेशन प्रहार का असर, 2 दिन में 4 देशी कट्टे जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार

Akola LCB Operation Prahar: अकोला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दिनों में 4 देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Illegal Weapons Raid In Akola
अकोला पुलिस ने अवैध हथियार रखने वाले अपराधी को गिरफ्तार किया (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Illegal Weapons Raid In Akola: अकोला जिले में अवैध हथियारों की तस्करी, खरीद-बिक्री और संगीन वारदातों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत स्थानीय अपराध शाखा (LCB) को लगातार दूसरे दिन एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। रामदासपेठ और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई अलग-अलग सुनियोजित कार्रवाइयों में पुलिस ने दो और घातक देशी कट्टे तथा दो जिंदा कारतूस बरामद कर दो शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

इस नई सफलता के साथ ही, पिछले महज दो दिनों के भीतर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल चार अवैध देशी कट्टे जब्त किए जा चुके हैं तथा इस रैकेट से जुड़े 5 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी सूरज सोनटक्के ने उगले राज

पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पातुर और उरल थाना क्षेत्र में एलसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी सूरज उर्फ सूर्या सोनटक्के (निवासी चिखलवाड़ी, नांदेड़) से जब पुलिसिया अंदाज में कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने शहर में छिपे हथियारों और अपने अन्य साथियों के बारे में बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले राज उगले। इसी खुफिया इनपुट के आधार पर एलसीबी की टीम ने बिना वक्त गंवाए देर रात रामदासपेठ थाना क्षेत्र में स्थित मनपा स्कूल नंबर-7 के समीप, पानी की टंकी के ठीक सामने जाल बिछाकर घेराबंदी की। यहां पुलिस ने सचिन बलखंडे (22, निवासी संत कबीर नगर, अकोट फैल, अकोला) को संदिग्ध हालत में दबोच लिया। जब सुरक्षाकर्मियों ने उसकी सघन तलाशी ली, तो उसके पास से एक लोहे का देशी कट्टा (मैगजीन सहित) तथा एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। जब्त किए गए इन हथियारों की अनुमानित कीमत करीब 49 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी सचिन के खिलाफ रामदासपेठ पुलिस थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 3 व 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

नांदेड़ के लूटकांड में फरार थे आरोपी

इस पूरे मामले की तफ्तीश में एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 6 जून को पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी सूरज सोनटक्के और उसका साथी अतिश सूर्यवंशी (निवासी आंबेडकर नगर, नांदेड़) साधारण अपराधी नहीं हैं, बल्कि वे नांदेड़ जिले के उभरी पुलिस स्टेशन में वर्ष 2025 में दर्ज जबरन लूटपाट और कई अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 'वांटेड' अपराधी थे। पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इन दोनों आरोपियों ने अकोला शहर को अपना ठिकाना बनाया और यहां पर केटरिंग (खाना पकाने व शादियों में सर्विंग) का काम शुरू कर दिया था। केटरिंग के इस शरीफ पेशे की आड़ में ये दोनों बड़े आराम से अवैध हथियार अपने पास छिपाकर रखते थे, हथियारों की अवैध खरीद-बिक्री का सिंडिकेट चला रहे थे और लूट जैसी आपराधिक गतिविधियों में पूरी तरह संलिप्त थे।

सिविल लाइन और छोटी उमरी क्षेत्र से दूसरा आरोपी आदेश आठवले गिरफ्तार

इसी अभियान के समानांतर चलाई गई एक अन्य गुप्त कार्रवाई में, एलसीबी की टीम ने शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोटी उमरी इलाके में दबिश दी। पुलिस ने यहां से आदेश उर्फ पप्पू आठवले (25, निवासी आनंद नगर, छोटी उमरी, अकोला) को धर-दबोचा। आरोपी आदेश के कब्जे से भी पुलिस ने एक लोहे का देशी कट्टा (मैगजीन सहित) और एक जिंदा कारतूस सफलतापूर्वक बरामद किया है।

इस कार्रवाई में जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग 41 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में सिविल लाइन पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3 व 25 के तहत नया अपराध पंजीकृत किया गया है।

कई थानों में दर्ज हैं हत्या के प्रयास और डकैती के केस

एलसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों का पुराना और बेहद खतरनाक आपराधिक इतिहास रहा है। इन सभी के खिलाफ अलग-अलग थानों में अवैध हथियार रखने, हत्या का प्रयास करने (अटेंप्ट टू मर्डर), जानलेवा मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाने, राह चलती जनता से लूटपाट करने तथा डकैती डालने जैसे कई गंभीर और गैर-जमानती अपराध पहले से ही दर्ज हैं।

पुलिस अब इस मुख्य बिंदु पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है कि इन आरोपियों ने अब तक अकोला और आस-पास के जिलों में कितने देशी कट्टे बेचे हैं, इनके ग्राहक कौन थे और इन हथियारों की मुख्य सप्लाई लाइन कहां से जुड़ी हुई थी। इस पूरे गिरोह के तार अंतर-जिला नेटवर्क से जुड़े होने के कारण मामले की विस्तृत और गहन जांच जारी

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