Lakhandoor health news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Lakhandoor Health News: ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से सोनी गांव में आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना की गई थी, लेकिन पिछले दो महीनों से यह अस्पताल पूरी तरह बंद पड़ा है। अस्पताल में पूर्णकालिक डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे नागरिकों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
सोनी स्थित यह आयुर्वेदिक अस्पताल आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों मरीजों के लिए एकमात्र सहारा है। पिछले एक वर्ष से यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक ठेका डॉक्टर की नियुक्ति की गई थी, लेकिन दो महीने पहले संबंधित डॉक्टर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से यह पद रिक्त पड़ा है। डॉक्टर न होने की वजह से अस्पताल के ताले तक नहीं खुल रहे हैं, जिससे चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सोनी गांव जिला और तहसील के अंतिम छोर पर स्थित है। यहां स्वास्थ्य सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को सामान्य इलाज के लिए भी लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार न मिलने से मरीजों की जान को भी खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि स्वास्थ्य प्रशासन की अनदेखी के कारण गरीबों को मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भंडारा जिला भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एवं सोनी निवासी दिनेश वासनिक ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से डॉक्टर के अभाव में अस्पताल बंद पड़ा है और ग्रामीण मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। उन्होंने सरकार और जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि सोनी गांव के आयुर्वेदिक अस्पताल में तत्काल एक पूर्णकालिक डॉक्टर की नियुक्ति की जाए, ताकि ग्रामीणों को नियमित और सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।