शिवशाही बस की छत में छेद: महिला कंडक्टर ने ड्राइवर को छाता लगाया; वीडियो वायरल होते ही मिली धमकी
Bhandara Bus News: भंडारा की शिवशाही बस में छत से बारिश का पानी टपकाता देख महिला कंडक्टर ने ड्राइवर पर छाता लगाया। इस वीडियो वायरल होने पर कंडक्टर से निलंबित करने की धमकी मिली है।
- Written By: आकाश मसने
शिवशाही बस में ड्राइवर पर लगाती महिला कंडक्टर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhandara Shivshahi Bus News: भंडारा जिले में महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एसटी) की शिवशाही बसों की दयनीय हालत का खुलासा करने वाला एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में एक महिला परिचालिका मूसलाधार बारिश के दौरान चालक के सिर पर छाता ताने खड़ी है, क्योंकि बस की छत में एक बड़ा छेद होने के कारण पानी अंदर टपक रहा था। यह हैरान करने वाला दृश्य भंडारा डिपो की वातानुकूलित शिवशाही बस का है, जो गोंदिया की ओर जा रही थी।
यात्रा के दौरान बस की छत से कई जगहों से पानी टपकने लगा, जिससे न केवल चालक, बल्कि बस में बैठे यात्री भी भीगने लगे। यात्रियों और चालक की परेशानी देखकर परिचालिका संध्या साखरे ने इस स्थिति का वीडियो बनाया और इसे एसटी कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा कर दिया, ताकि प्रशासन इस पर ध्यान दे।
अधिकारियों की फटकार और निलंबन की धमकी
कहा जा रहा है कि विभाग के अधिकारियों ने बस की खराब हालत पर संज्ञान लेने के बजाय, वीडियो वायरल करने के लिए परिचालिका संध्या साखरे को ही फटकार लगा दी। बताया जाता है कि अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाया और उन्हें नौकरी से निलंबित करने की धमकी भी दी।
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इस दबाव और मानसिक तनाव के कारण संध्या साखरे को चक्कर आ गए और वह एसटी कार्यालय में ही गिर पड़ीं। इसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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इस घटना ने एसटी प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकार की हाईटेक मानी जाने वाली शिवशाही बसों की यह हालत है, तो साधारण ‘लालपरी’ की स्थिति क्या होगी। इस घटना से यह भी साबित होता है कि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा देने के वादे खोखले साबित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोग इस बात पर भी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि समस्या को ठीक करने के बजाय, उसे उजागर करने वाले कर्मचारी पर ही कार्रवाई की धमकी दी गई। यह वीडियो एसटी प्रशासन की लापरवाही और खराब प्रबंधन को दर्शाता है, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को परेशानी हो रही है।
