ओबीसी संघर्ष समिति का ‘भीख मांगो’ आंदोलन, मांगों की अनदेखी पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
Bhandara OBC Sangharsh Samiti: भंडारा में ओबीसी संघर्ष समिति ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने 'भीख मांगो' आंदोलन किया। समिति ने 19 जुलाई को 'ढोल बजाओ' आंदोलन किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bheekh Mango Protest (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Bheekh Mango Protest: विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे क्रमिक अनशन की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में सोमवार को ओबीसी संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष अनोखे अंदाज में ‘भीख मांगो’ आंदोलन किया।
आंदोलनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन, नारेबाजी और रैली निकालकर प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। समिति का आरोप है कि पिछले कई दिनों से आंदोलन जारी होने के बावजूद न तो किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने आंदोलन स्थल का दौरा किया और न ही आंदोलनकारियों से चर्चा करने का प्रयास किया।
भंडारा में OBC संघर्ष समिति का अनोखा विरोध
प्रशासन के इस उदासीन रवैये से ओबीसी समाज में भारी असंतोष व्याप्त है। इसी के विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ‘भीख मांगो’ आंदोलन आयोजित किया गया। संघर्ष समिति के प्रमुख सदानंद इलमे ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ओबीसी समाज की मांगों की लगातार उपेक्षा कर रहे हैं।
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कलेक्टर कार्यालय के सामने ‘भीख मांगो’ आंदोलन
यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोमवार के आंदोलन में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
आमरण अनशन की चेतावनी
आंदोलन में संघर्ष समिति के प्रमुख सदानंद इलमे के अलावा प्रभाकर वैरागड़े, डॉ.बालकृष्ण सार्वे, भगीरथ धोटे, संजय मते, रोशन उरकुडे, रमेश शहारे, विष्णुदास जगनाडे, पंजाब कारेमोरे, मोरेश्वर तिजारे, पुंडलिक निखाडे, किसन शेंडे और जयश्री बोरकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं महिला सदस्य शामिल हुए।
19 को जनप्रतिनिधियों के घरों के सामने ‘ढोल बजाओ’
समिति ने घोषणा की है कि 19 जुलाई को जिले के विधायक और सांसदों के आवास के सामने ‘ढोल बजाओ’ आंदोलन किया जाएगा, ताकि जनप्रतिनिधियों का ध्यान ओबीसी समाज की समस्याओं की और आकर्षित किया जा सके।
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मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह में विदर्भ सहित भंडारा जिले में ऐतिहासिक मंडल यात्रा निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से ओबीसी समाज की अलग जातिवार जनगणना की मांग को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सितंबर से जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
