बदल गया पूरा प्रचार तंत्र, मैदान नहीं मोबाइल पर लड़ाई, महाराष्ट्र निकाय चुनाव में सोशल मीडिया की धूम
Maharashtra Nikay Chunav में पारंपरिक प्रचार पीछे, सोशल मीडिया केंद्र में। रील्स, ग्राफिक्स और वीडियो से युवाओं को साधने की होड़ बढ़ी। डिजिटल टीमों की मांग बढ़ी और चुनावी मुकाबला ऑनलाइन शिफ्ट हुआ।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Digital Campaign In Maharashtra local body Elections: महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में इस बार प्रचार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पारंपरिक प्रचार पद्धतियां, जनसभाएं, पोस्टर, बैनर और पदयात्राएं अब पिछड़ते चले जा रहे हैं, और उम्मीदवारों ने डिजिटल अखाड़ा पूरी ताकत से गर्म कर दिया है।
आधिकारिक घोषणा से पहले ही उम्मीदवारों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क पर ताबड़तोड़ अभियान शुरू कर दिया था।
सोशल मीडिया सबसे ज्यादा प्रभावी
मतदाताओं तक तुरंत संदेश पहुंचाना, अपनी छवि मजबूत बनाना, भावनात्मक संपर्क तैयार करना और पहली छाप जमाना, इन सभी में सोशल मीडिया आज सबसे प्रभावी मंच साबित हो रहा है। उम्मीदवार खुद को विकासमुखी, सक्षम और युवा नेतृत्व के रूप में स्थापित करने के लिए आधुनिक तकनीक का जोरदार उपयोग कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा में कलाकारों ने लंबित मानदेय और पेंशन की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
x-Twitter आउटेज के पीछे क्या हो सकते हैं कारण? जानिए 10 तस्वीरों की मदद से संभावित वजहें
ट्रंप का नया कमाई मॉडल! 86 लाख रुपये देकर सबसे पहले देख सकेंगे उनके पोस्ट, जानिए क्या है पूरा मामला
मोहाड़ी पंचायत समिति में नई नेतृत्व टीम का चुनाव, नारेबाजी के बीच पुलिस ने संभाला मोर्चा
खासकर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को आकर्षित करने के लिए स्टाइलिश रील्स, आकर्षक ग्राफिक्स और संवाद आधारित छोटे वीडियो लगातार जारी किए जा रहे हैं। जिन उम्मीदवारों की पोस्ट और रील्स को ज्यादा लाइक्स और शेयर मिल रहे हैं, उनका पलड़ा फिलहाल भारी माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें:- चुनाव प्रचार के लिए मिलेंगे सिर्फ 4 दिन, 26 नवंबर को बंटेंगे चिह्न, 2 दिसंबर को होगा मतदान
फोटोग्राफर से सोशल मीडिया मैनेजर तक सबकी मांग बढ़ी
इस डिजिटल दौड़ ने फोटोग्राफर, वीडियो एडिटर, कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया मैनेजरों की मांग अचानक बढ़ा दी है। व्यावसायिक आपस में ही प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। सबसे बेहतरीन फोटो और सबसे आकर्षक पोस्ट हम बनाते हैं का दावा किया जा रहा है। इस स्पर्धा के चलते चुनाव का डिजिटल चेहरा पहले की अपेक्षा अधिक चमकदार और आक्रमक बन गया है।
राजनीति का बदल रहा चेहरा
इस बार की नगर परिषद चुनाव में यह स्पष्ट हो गया है कि सबसे बड़ा भार सोशल मीडिया पर रहेगा। मैदान की सभा और घर-घर संपर्क अभियान की बजाए मोबाइल स्क्रीन पर प्रभाव कौन अधिक दमदार बनाता है इस पर चुनाव की पहली बाजी निर्णायक हो सकती है।लगातार बढ़ती डिजिटल स्पर्धा संकेत दे रही है कि इस चुनाव में राजनीति की शैली, तरीका और चेहरा सब कुछ तेजी से बदल रहा है।
