भंडारा महिला सशक्तिकरण( सोर्स: सोशल मीडिया )
Bhandara Women Market Contract: भंडारा घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाओं ने अब हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। जिले में महिलाओं ने बाजार वसूली जैसे पारंपरिक पुरुष प्रधान क्षेत्र में कदम रखकर लोहा मनवा लिया है।
साकोली तहसील के सानगड़ी गांव की ‘अभिराज महिला प्रभाग संघ’ ने 1 लाख 61 हजार रुपये की बोली लगाकर गुजरी बाजार का ठेका हासिल किया। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं अब
किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
आमतौर पर ठेकेदारी और नीलामी प्रक्रिया में पुरुषों का वर्चस्व रहता है, लेकिन अभिराज महिला प्रभाग संघ ने इस परंपरा को तोड़ते हुए आत्मविश्वास के साथ नीलामी में भाग लिया और मुंहतोड़ जवाब दिया।
इस संघ की अध्यक्ष मीरा रंगारी, अस्मिता मानवटकर और अश्विनी कावले ने सक्रिय भूमिका निभाई, वर्ष 2025-26 में इस बाजार वसूली से संघ को 2 लाख 52 हजार 500 रुपये की आय हुई, जिसमें से 69 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया।
बढ़ते आत्मविश्वास के साथ वर्ष 2026-27 में संघ ने पूरे बाजार का ठेका 6 लाख 5 हजार रुपये में हासिल किया। इतना ही नहीं, जिले में महिलाओं ने कुल 21 बाजारों का ठेका अपने नाम किया है।
इनमें साकोली, उमरी, एकोडी, दवडीधार, ढाणा, धारगाव, कारचा, आमगांव, मानेगांव, कांद्री, पालोरा, करडी, मुंदरी, देव्हाड़ी, सीता सावंगी, अंबागढ़, चिखली और कुडेगांव जैसे प्रमुख बाजार शामिल है।
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इसके अलावा ‘स्वराज्य महिला प्रभाग संघ’ कुभली ने 24 लाख 75 हजार रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाई, जबकि लाखनी के ‘शिखर महिला प्रभाग संघ’ ने 23 लाख 75 हजार रुपये में ठेका हासिल किया, स्वराज्य महिला प्रभाग संघ की अध्यक्ष अनिता गायधने ने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, वहीं, उमेद परियोजना के प्रकल्प संचालक विवेक बोंद्रे ने बताया कि बाजार में 70 प्रतिशत छोटे व्यापारी महिलाएं ही है, ऐसे में महिलाओं का वसूली कार्य में आना स्वाभाविक है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।