मानसून के इंतजार में किसान, जुताई-बखरनी से लेकर बीज-खाद की तैयारी अंतिम चरण में
Farms During Mrig Nakshatra: जिले में भीषण गर्मी की मार झेलने के बाद किसानों की निगाहें मानसून पर टिक गई हैं और मृग नक्षत्र शुरू होने से पहले खेतों को तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Fields and Farms During Mrig Nakshatra In Bhandara: भीषण गर्मी की मार झेलने के बाद अब किसानों की निगाहें मानसून पर टिक गई हैं। मृग नक्षत्र शुरू होने में महज कुछ दिन शेष रहने से भंडारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। बारिश की पहली फुहार से पहले खेतों को पूरी तरह तैयार करने के लिए किसान दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। खेत-खलिहानों में इन दिनों कृषि कार्यों की चहल-पहल और मशीनों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
अंतिम चरण में पहुंचा भूमि तैयार करने का कार्य
भंडारा जिले के विभिन्न गांवों में किसान जुताई, बखरनी, मिट्टी के ढेलों को तोड़ने और खेत समतलीकरण जैसे कार्यों में जुटे हुए हैं। भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए खेतों में गोबर खाद डाली जा रही है, वहीं मेढ़ों की मरम्मत और जल संरक्षण संबंधी कार्य भी किए जा रहे हैं। आधुनिक कृषि उपकरणों और ट्रैक्टरों के उपयोग के साथ-साथ कई किसान आज भी बैलगाड़ियों और बैलों की सहायता से पारंपरिक तरीके से खेती की तैयारी कर रहे हैं। मजदूरों की कमी और बढ़ती मजदूरी दरों के कारण यंत्रीकृत खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है।
खरपतवार नियंत्रण और बीज-खाद की व्यवस्था
किसान खरीफ फसल को अधिक उत्पादक और लाभदायक बनाने के लिए अभी से तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि फसलों की वृद्धि बेहतर हो सके। इसके साथ ही प्रमाणित बीजों और उर्वरकों की व्यवस्था भी की जा रही है। किसान बारिश शुरू होने से पहले पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे का पर्याप्त भंडारण करने में भी लगे हुए हैं।
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मानसून का इंतजार कर रहे किसान
रोहिणी नक्षत्र के दौरान कुछ क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश और मृग नक्षत्र में अच्छी वर्षा की संभावना ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। भंडारा जिले के गांवों में चौपालों और खेतों की मेढ़ों पर इन दिनों मानसून और मृग नक्षत्र की चर्चा जोरों पर है। किसानों का मानना है कि यदि समय पर और संतोषजनक वर्षा हुई, तो इस वर्ष का खरीफ सीजन बेहतर उत्पादन और आर्थिक समृद्धि लेकर आएगा।
अधिकांश काम पूरे
किसान नेपाल मते ने बताया कि इस वर्ष तेज गर्मी के कारण खेतों की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अब अधिकांश कार्य पूरे हो चुके है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की कमी के कारण ट्रैक्टर का उपयोग करना पड़ा और अब वे पहली बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसान निलेश मारवाड़े ने कहा कि खेतों की जुताई, बखरनी, मेढ़ों की मरम्मत और गोबर खाद डालने का काम लगभग पूरा हो चुका है। बीज और उर्वरकों की व्यवस्था भी कर ली गई है। अब किसान अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे है ताकि समय पर बुवाई शुरू की जा सके।
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कृषि विभाग ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को कई महत्वपूर्ण सलाह दी है। विभाग ने खेतों में नमी बनाए रखने के लिए गहरी जुताई और समतलीकरण पर जोर देने को कहा है। किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से प्रमाणित बीज खरीदने तथा उनकी अंकुरण क्षमता की जांच करने की सलाह दी गई है। साथ ही मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने और पर्याप्त नमी होने पर ही बुवाई शुरू करने की अपील की गई है।
