अजीत पवार के 7 बड़े फैसले, जिन्होंने बदल दी महाराष्ट्र की राजनीति!
Ajit Pawar Political Journey: बारामती के विकास से लेकर महाराष्ट्र के रिकॉर्ड उपमुख्यमंत्री बनने तक, जानिए अजीत पवार के जीवन और प्रमुख अभियानों का पूरा राजनीतिक सफर इस खास फोटो गैलरी में।
- Written By: अंकिता पटेल
अजीत पवार का सबसे बड़ा 'विकास आंदोलन' बारामती का कायाकल्प रहा है। 1990 के दशक में सूखे की मार झेलने वाले इस क्षेत्र को उन्होंने अपनी दूरदर्शी योजना से कृषि, ऑटोमोबाइल और एजुकेशन हब में बदल दिया। ड्रिप इरिगेशन अभियान, विश्वस्तरीय सड़कें और 'एमआईडीसी' (MIDC) की स्थापना कर उन्होंने यह साबित किया कि इच्छाशक्ति से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।
पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (PDCC) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार आंदोलन चलाया। उन्होंने चीनी मिलों के आधुनिकीकरण और किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे और आसान दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने का अभियान चलाया। इस कदम ने पश्चिमी महाराष्ट्र के लाखों किसानों की आर्थिक रीढ़ मजबूत की।
Ajit Pawar Anniversary: महिलाओं के बीच क्यों लोकप्रिय रहे अजित दादा? पर्दे के पीछे सुनेत्रा पवार की मेहनत
सिर्फ राजनीति ही नहीं, कविता, एक्टिंग और मॉडलिंग का भी शौक… 56वें जन्मदिन पर जानें अनटोल्ड देवेंद्र फडणवीस
राज्यभर FDA की बड़ी कार्रवाई, गुटखा, दूध और खाद्य सामग्री जब्त, 103 प्रतिष्ठानों की जांच पूरी
बेस्ट बस हादसों पर गंभीर सवाल; ड्राइवर नहीं, सिस्टम है हादसों का जिम्मेदार, कागजों में फिट, सड़क पर हैं अनफिट
जल संसाधन मंत्री के रूप में अजीत पवार ने राज्य भर में जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं को गति देने का विशेष अभियान चलाया। उन्होंने बंद पाइपलाइन नहर प्रणाली (Closed Pipeline Canal System) की वकालत की, जिससे पानी के वाष्पीकरण और चोरी को रोककर सीधे खेतों तक पानी पहुँचाया गया। पश्चिमी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में इस फैसले से क्रांति आई।
अजीत पवार ने महाराष्ट्र की नौकरशाही और प्रशासनिक संस्कृति को बदलने का एक अनूठा 'कार्यशैली आंदोलन' चलाया। सुबह 6 बजे से ही सड़कों और विकास परियोजनाओं के निरीक्षण पर निकलना उनकी पहचान बन गया। लालफीताशाही (Red Tapism) को खत्म कर फाइलों का त्वरित निपटारा करने की उनकी इस शैली से जनता और अधिकारी दोनों प्रभावित हुए।
वित्त मंत्री के रूप में अजीत पवार ने राज्य की महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए ऐतिहासिक बजट आवंटन किया। 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' के तहत हर महीने पात्र महिलाओं के खातों में सीधे ₹1500 की राशि हस्तांतरित करने का अभियान उनकी प्रशासनिक और जन-कल्याणकारी सोच का सबसे बड़ा प्रतीक बना।
2020-21 के वैश्विक महामारी संकट और भारी बाढ़ के दौरान अजीत पवार ने खुद मैदान में उतरकर राहत अभियानों का नेतृत्व किया। पुणे और पश्चिमी महाराष्ट्र में जंबो कोविड अस्पतालों का रिकॉर्ड समय में निर्माण कराना हो या प्रभावितों तक राशन-दवाइयां पहुंचाना उनके सख्त और त्वरित फैसलों ने हजारों जिंदगियां बचाईं।
जुलाई 2023 में अजीत पवार ने NCP के झंडे तले राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक नई राजनीतिक यात्रा शुरू की। बुनियादी ढांचे के विकास, मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार, कृषि कर्ज माफी और युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने 'महायुति' सरकार में राज्य के विकास रथ को तेज गति दी।
