Kharif Season: गोंदिया जिले को 76 हजार मीट्रिक टन उर्वरक मंजूर, कृषि विभाग ने कालाबाजारी रोकने बनाई रणनीति

Gondia Kharif Season: गोंदिया जिले में खरीफ सीजन के लिए 30,752 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से पैनिक बाइंग न करने की अपील की है। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
Gondia Kharif Season Sowing Planning Report
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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 Kharif Season Fertilizer Availability In Gondia: आगामी खरीफ सीजन की आहट के साथ ही जिले के किसान अपने खेतों को सुधारने और बुआई की तैयारियों में पूरी तरह जुट गए हैं। मानसून की पहली अच्छी बारिश होते ही फसलों की बुआई का काम तेजी से शुरू हो जाएगा, जिसके तुरंत बाद किसानों को बड़े पैमाने पर रासायनिक खादों की आवश्यकता होती है। ऐन वक्त पर होने वाली मारामारी और किल्लत से बचने के लिए जिले के सजग किसानों ने अभी से खादों की अग्रिम खरीदी शुरू कर दी है।

इसके मद्देनजर जिला कृषि विभाग ने खादों की निर्बाध आपूर्ति के लिए एक बेहद सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में जिले के भीतर कुल 30,752.945 मीट्रिक टन उर्वरक बिक्री के लिए पूरी तरह उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देकर घबराएं नहीं और अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही खाद की खरीदी करें।

कालाबाजारी रोकने की चुनौती

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 7 जून से मृग नक्षत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य में मानसून का आगमन हो जाएगा। इस लिहाज से खरीफ की बुआई शुरू होने में अब महज 10 दिनों का समय शेष रह गया है। भारी बारिश के बाद जब ग्रामीण इलाकों में एक साथ बड़े पैमाने पर बुआई और खाद का छिड़काव शुरू होता है, तब बाजार में अचानक मांग बढ़ने से कुछ कृषि केंद्र संचालकों द्वारा खादों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आती हैं। कुछ असामाजिक तत्व किसानों की मजबूरी का अनुचित फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर खाद बेचने का प्रयास करते हैं। इसी संकट से अन्नदाताओं को सुरक्षित रखने और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने पहले से ही बफर स्टॉक की यह मजबूत योजना बनाई है।

मांग और आपूर्ति के आंकड़े

कृषि विभाग द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष गोंदिया जिले की वास्तविक आवश्यकताओं को देखते हुए कुल 1 लाख 88 हजार 430 मीट्रिक टन खाद की मांग वरिष्ठ स्तर पर भेजी गई थी। इसमें से कृषि आयुक्तालय द्वारा प्राथमिक चरण में 76 हजार मीट्रिक टन उर्वरक आवंटन को हरी झंडी दे दी गई है। इस स्वीकृत कोटे के तहत अब तक जिले को 9 हजार 460.94 मीट्रिक टन नए उर्वरकों की खेप प्राप्त हो चुकी है।

इसके अलावा, पिछले वर्ष का बचा हुआ (कैरी फॉरवर्ड) 29 हजार 133.86 मीट्रिक टन पुराना स्टॉक भी गोदामों में सुरक्षित था। इस तरह जिले के पास कुल मिलाकर 38 हजार 594.8 मीट्रिक टन का विशाल स्टॉक उपलब्ध था।

30 हजार मीट्रिक टन से अधिक शेष

खरीफ के शुरुआती दौर की हलचल के बीच, उपलब्ध स्टॉक में से अब तक 7 हजार 841.855 मीट्रिक टन खाद की बिक्री सुचारू रूप से की जा चुकी है। इस बिक्री के बाद भी वर्तमान स्थिति में जिले के अधिकृत डीलरों और सोसायटियों के पास 30 हजार 752.945 मीट्रिक टन का शुद्ध स्टॉक पूरी तरह शेष है।

कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में मालगाड़ियों और ट्रकों के माध्यम से स्वीकृत कोटे की शेष खाद भी लगातार जिले में पहुंचती रहेगी। इस वजह से किसानों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, खरीफ सीजन के अंत तक सभी को प्रचुर मात्रा में उर्वरक मिलते रहेंगे।

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