Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

महंगाई की मार : मोदक की मिठास हुई फीकी, अबकी बार आंबेमोहर चावल बिका ₹200 प्रति किलो

Bhandara News: विदर्भ में आंबेमोहर चावल ₹200/किलो तक पहुंचा। अन्य किस्मों के दाम भी बढ़े। नई फसल दिसंबर में आने तक राहत की उम्मीद कम है, व्यापारियों ने महंगाई बने रहने की आशंका जताई।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Sep 06, 2025 | 01:53 PM

मोदक व चावल (सोर्स: सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Inflation In Bhandara: गणेशोत्सव का पर्व शुरू होते ही हर घर में गणपति बप्पा के प्रिय प्रसाद, मोदक की तैयारी शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार बढ़ती महंगाई ने भक्तों की जेब पर भारी बोझ डाला है। मोदक बनाने के लिए सबसे खास माना जाने वाला आंबेमोहर चावल इस साल आसमान छूती कीमतों पर पहुंच गया है, जिससे मोदक की मिठास कुछ कम हो गई है।

भंडारा, नागपुर और पूरे विदर्भ के बाजारों में आंबेमोहर चावल की कीमत ₹200 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि थोक में भी इसके दाम ₹170 से ₹180 प्रति किलो हैं। चावल व्यापारियों का कहना है कि दिसंबर के अंत तक नई फसल आने तक इन कीमतों में कमी आने की संभावना बहुत कम है।

सिर्फ आंबेमोहर ही नहीं, बल्कि जय श्रीराम, चिन्नोर, कालीमूंछ, जयप्रकाश, बीपीटी और सुवर्णा जैसी अन्य सुगंधित और सामान्य चावल की किस्मों के दाम भी पिछले डेढ़-दो महीनों में ₹5 से ₹6 प्रति किलो तक बढ़ गए हैं।

सम्बंधित ख़बरें

रूस-खाड़ी तक पहुंचेगा जलगांव का केला? नई योजना से उम्मीद, किसानों को मिलेगी राहत

स्मार्ट मीटर से सस्ता हुआ बिजली बिल, नासिक में 31.93 लाख की छूट; स्मार्ट मीटर ने बदली तस्वीर

महाकुंभ की तैयारी: सिंहस्थ से पहले नासिक पहुंचे साधु, पंचवटी बनी पहली पसंद

12वीं बोर्ड घोटाला: छत्रपति संभाजीनगर में सीसीटीवी ने खोली पोल, 18 शिक्षक-कर्मचारी निलंबित

गेहूं की कीमत भी बढ़ी

चावल के साथ-साथ, गेहूं की कीमतों में भी 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी का रसोई बजट बुरी तरह बिगड़ गया है। मोदक बनाने की परंपरा में आंबेमोहर चावल का इस्तेमाल उसकी अनोखी सुगंध और स्वाद के कारण होता है।

यह भी पढ़ें:- लश्कर-ए-जिहादी के नाम पर फैलाई अफवाह, मुंबई में आतंकी हमले की धमकी देने वाला नोएडा से गिरफ्तार

ही वजह है कि त्योहार के समय इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। पिछले साल, आंबेमोहर चावल की कीमत ₹60 से ₹70 प्रति किलो थी, लेकिन इस साल यह लगभग तीन गुना बढ़ गई है।

क्या है दामों में बढ़ोतरी का कारण?

कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी का मुख्य कारण उत्पादन में कमी है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में इस वर्ष मानसून की अनिश्चितता और खेती में आई बाधाओं ने फसल को प्रभावित किया है। इसके अलावा, घरेलू खपत और निर्यात दोनों जारी रहने से बाजार में इसकी आपूर्ति कम हो गई है।

हालांकि, बढ़ती कीमतों के बावजूद, भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है। लोगों का मानना है कि बप्पा के स्वागत में मोदक चढ़ाना जरूरी है, फिर चाहे इसकी कितनी भी कीमत चुकानी पड़े। इस बार महंगाई पर भक्ति भारी पड़ती दिख रही है। लोग भले ही चिंता में हों, लेकिन बप्पा का प्रिय मोदक हर घर में बन रहा है, जिससे भक्ति और महंगाई का यह संगम इस गणेशोत्सव को एक अलग ही रंग दे रहा है।

Inflation impact on sweetness of modaks ambemohar rice is 200 per kg

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Sep 06, 2025 | 01:53 PM

Topics:  

  • Bhandara
  • Bhandara News
  • Inflation
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.