रवि भवन की बैठक बेनतीजा, गोसीखुर्द पीड़ितों का फूटा गुस्सा, 15 मई से जलसमाधि आंदोलन का ऐलान
Gosikhurd Project:गोसीखुर्द परियोजना पीड़ितों की लंबित मांगों को लेकर नागपुर में हुई बैठक बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई। समिति ने 15 और 16 मई को वैनगंगा नदी किनारे जलसमाधि आंदोलन की चेतावनी दी।
Gosikhurd Project (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Gosikhurd Jalsamadhi Agitation: नागपुर स्थित रवि भवन में गोसीखुर्द परियोजना पीड़ितों की लंबित मांगों को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक एक बार फिर निष्फल साबित हुई है। पालकमंत्री डॉ। पंकज भोयर की उपस्थिति में हुई इस बैठक में केवल चर्चाओं और आश्वासनों का दौर चला, लेकिन किसी भी ठोस निर्णय पर मुहर नहीं लग सकी। प्रशासन की इस टालमटोल वाली नीति से परियोजना पीड़ित संघर्ष समिति में भारी आक्रोश व्याप्त है।बैठक के दौरान सांसद डॉ। प्रशांत पडोले ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए सवाल किया कि वर्षों से पुनर्वास के प्रश्न लंबित हैं, जमीनें जाने के बावजूद किसानों को मुआवजा और रोजगार नहीं मिला है, बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, तो आखिर सरकार कर क्या रही है सांसद ने स्पष्ट किया कि वे जनता को इस तरह लावारिस नहीं छोड़ेंगे। परियोजना पीड़ितों ने भी अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय के लिए उन्हें दरदर भटकना पड़ रहा है। उन्हें भंडारा छोड़कर नागपुर बैठक के लिए बुलाना मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है, जबकि प्रशासन की ओर से केवल प्रस्ताव भेजने की पुरानी रट ही लगाई जा रही है।
पीड़ितों की समस्याएं अत्यंत गंभीर
परियोजना पीड़ितों की समस्याएं अत्यंत गंभीर बनी हुई हैं। कई गांवों का पुनर्वास अभी तक पूरा नहीं हुआ है, वहीं कई गांव बारबार आने वाली बाढ़ की चपेट में आकर भारी नुकसान झेल रहे हैं। जामगांव टोला जैसे गांवों में जन्ममृत्यु का पंजीकरण तक नहीं किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही नई बस्तियों में नागरिक सुविधाओं का पूर्णतः अभाव है।15 व 16 मई को वैनगंगा नदी में जलसमाधि आंदोलनसंघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि शासन केवल बैठकों का सत्र चलाकर समय गुजार रहा है।
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अब आरपार की लड़ाई
अब आरपार की लड़ाई का मन बनाते हुए परियोजना पीड़ितों ने आगामी 15 और 16 मई को वैनगंगा नदी के तट पर कारधा में जलसमाधी आंदोलन करने का कड़ा फैसला लिया है। इस बैठक में पालकमंत्री डॉ। पंकज भोयर, सांसद डॉ। प्रशांत पडोले, विधायक परिणय फुके, विधायक नरेंद्र भोंडेकर, जिलाधिकारी सावन कुमार सहित संघर्ष समिति के पदाधिकारी भाऊ कातोरे, आरजू मेश्राम, अतुल राघोर्ते और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
