भंडारा नगर परिष कोचिंग क्लासेस का निरीक्षण करते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)  
भंडारा

लखनऊ अग्नि कांड के बाद भंडारा में सुरक्षा कड़ी; शहर के कोचिंग क्लासों की हूई जांच, 7 दिनों का अल्टीमेटम

Bhandara Coaching Inspection: भंडारा की 'ट्यूशन गली' में नगर परिषद ने कोचिंग क्लासों की जांच की। अनधिकृत निर्माण व फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी कर 7 दिन में सीलिंग की चेतावनी दी।

केतकी मोडक

Bhandara Coaching Fire Safety Audit: लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद भंडारा नगर परिषद ने शहर के कोचिंग क्लासों और व्यावसायिक इमारतों की सघन जांच शुरू कर दी है। बुधवार 24 जून को मुख्याधिकारी जुम्मा प्यारेवाले के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने शहर के प्रसिद्ध 'ट्यूशन गली' क्षेत्र में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई इमारतों में अनधिकृत निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए, जिसके बाद संबंधित भवन मालिकों और संचालकों को नोटिस जारी किए गए।

निरीक्षण अभियान के दौरान मलन टॉवर, स्पार्क क्लासेस, गिरिपुंजे इंग्लिश क्लासेस, महालकार फिजिक्स क्लासेस, आइडियल मैथ्स अकादमी, कैटेलाइजर क्लासेस तथा शिक्षा क्लासेस सहित कई संस्थानों की जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि कुछ स्थानों पर अग्निशमन विभाग की आवश्यक अनुमति तथा भवन निर्माण से संबंधित मंजूरियां उपलब्ध नहीं थीं।

सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच

नगर परिषद की टीम ने विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अंतर्गत आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन वाहनों की आवाजाही के लिए उपलब्ध स्थान, भवनों की संरचना, सड़क किनारे किए गए अनियमित निर्माण, कक्षाओं की क्षमता तथा उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों के नीचे किए गए निर्माण की जांच की गई। साथ ही विद्युत सुरक्षा उपकरणों और उनकी वैधता का भी परीक्षण किया गया।

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

भंडारा नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन भवनों का निर्माण बिना अनुमति के किया गया है अथवा जहां अग्नि एवं जीवन सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 'महाराष्ट्र अग्नि प्रतिबंधक एवं जीवन सुरक्षा उपाय योजना अधिनियम 2006' के तहत नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों को धारा 6 के अंतर्गत नोटिस जारी किए गए हैं।

सात दिन में जवाब नहीं तो होगी सीलिंग

नगर परिषद ने चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के बाद यदि संबंधित संचालक सात दिनों के भीतर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो अधिनियम की धारा 8 के तहत संबंधित इमारत की बिजली आपूर्ति काटकर उसे सील कर दिया जाएगा।

सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्याधिकारी जुम्मा प्यारेवाले ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का पालन किए बिना संचालित किसी भी कोचिंग संस्थान को संरक्षण नहीं दिया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान में नगर रचनाकार पवन कनोजे, अग्निशमन अधिकारी समीर गणवीर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। नगर परिषद की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है, जबकि अभिभावकों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है।

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