Airoli Katai Naka Corridor से बदलेगी एमएमआर की कनेक्टिविटी, सफर में 45 मिनट तक की होगी बचत

Airoli Katai Naka Corridor News: एमएमआरडीए का ऐरोली-कटाई नाका कॉरिडोर प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली के बीच यात्रा आसान और तेज होगी।
Airoli Katai Naka Corridor
ऐरोली कटाई नाका कॉरिडोर ( सौ. सोशल मीडिया )
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Airoli Katai Naka Corridor Update: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बताया कि ऐरोली-कटाई नाका कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काफी प्रगति हुई है।

यह एक बड़ा ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोम्बिवली और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के आस-पास के इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

एमएमआरडीए के मुताबिक, 12.71 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर एक लगातार हाई-स्पीड रास्ते के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जो ऐरोली, मुंब्रा और कटाई नाका को जोड़ेगा। अथॉरिटी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से यात्रा की दूरी कम होने, मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होने और पूरे इलाके में यात्रियों और माल ढुलाई, दोनों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट का 3 चरणों में निर्माण किया जा रहा है। बताया गया कि दूसरा चरण पूरा हो चुका है, जबकि पहला चरण पूरा होने के करीब है और तीसरे चरण पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह प्रोजेक्ट विकास के मुख्य केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

यात्रा का कुल समय 30 से 45 मिनट तक होगा कम

एमएमआरडीए के मुताबिक, जब तीनों चरण पूरे हो जाएंगे, तो इस कॉरिडोर से यात्रा का कुल समय 30 से 45 मिनट तक कम होने की उम्मीद है, अथॉरिटी ने बताया कि यह रास्ता मुलुंड और कटाई नाका के बीच की दूरी को करीब 7 से 8 किलोमीटर तक कम कर सकता है। यह प्रोजेक्ट इलाके में पूरब पश्चिम कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और ठाणे और नवी मुंबई के व्यस्त रास्तों पर ट्रैफिक जाम कम करने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस कॉरिडोर से यात्रियों के समय में बचत होगी।

आसपास के इलाके में होगा आर्थिक विकास

यह हाई-स्पीड ऐरोली-कटाई नाका कॉरिडोर ठाणे और नवी मुंबई के लिए कनेक्टिविटी के मामले में एक बड़ा कदम है, खासकर टनल लिंक की वजह से, जिससे दोनों इलाकों के बीच सफ़र तेज और आसान हो जाएगा। एमएमआरडीए का कहना है कि हमारा लक्ष्य मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन को रहने के लिए और बेहतर बनाना और अपने नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना है। भीड़ कम करके और अहम ग्रोथ सेंटर के बीच आसान कनेक्टिविटी बनाकर, हम न सिर्फ तेज सफर मुमकिन बना रहे हैं, बल्कि इस इलाके के बढ़ते आर्थिक विकास में भी मदद कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ सफर का समय 35 से 40 मिनट कम होगा।

एमएमआरडीए का कहना है कि फेज एक, जो ठाणे-बेलापुर रोड से एनएच-04 तक फैला है, इसमें 1।69 किलोमीटर लंबी जुड़वां टनल और 0।94 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड शामिल है। टनल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसकी हर ट्यूब में तीन ट्रैफिक लेन और एक रिफ्यूज लेन हो। अथॉरिटी के मुताबिक, टनल का सिविल वर्क अभी 92 फीसदी पूरा हो चुका है। इस प्रोजेक्ट में 'न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड' का इस्तेमाल किया गया है।

फेज II काम पूरा, फेज III का लक्ष्य

  • एमएमआरडीए के अनुसार फेज II, जो ऐरोली को ठाणे-बेलापुर रोड से जोड़ने वाली 2.57 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड है।
  • पूरी तरह से बन चुकी है और बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी पक्की करने के लिए इसे फेज। के साथ ही खोला जाएगा।
  • अथॉरिटी के मुताबिक, फेज III, जो कॉरिडोर को एनएच-04 से आगे कल्याण-शील रोड कॉरिडोर के साथ-साथ कटाई नाका तक बढ़ जाएगा, अभी लगभग 10 फीसदी पूरा हुआ है।
  • अंतिम चरण में 6.71 किलोमीटर लंबा पूरी तरह से एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जिसमें सर्विस रोड और कई एंट्री और एग्जिट रैंप होंगे, इस चरण को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए हरिप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट

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