भंडारा में अधूरी सड़कें बनी मुसीबत, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा
Bhandara Road Construction: भंडारा में अधूरी सड़कों और गड्ढों से यातायात चरमरा गया है। मानसून में जलजमाव और हादसों का खतरा बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी आक्रोश है।
- Written By: केतकी मोडक
नीलेश बनपुरकर और बाबा पटेल (सोर्स - फोटो नवभारत)
Bhandara Incomplete Road Issue: भंडारा शहर में इन दिनों जहां नजर डालें, वहां जेसीबी मशीनों से खोदे गए गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। करीब दो वर्ष के अंतराल के बाद अधूरी सड़कों का निर्माण कार्य दोबारा शुरू तो हुआ, लेकिन पिछले छह महीनों में कई मार्ग केवल एक तरफ से ही बन पाए हैं। इसके कारण आमने-सामने आने वाले चार पहिया वाहनों को निकलने में भारी दिक्कत हो रही है और अनेक स्थानों पर लंबे समय तक यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। नागरिकों में इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
खराब सड़कों से व्यापार पर पड़ेगा असर : पटेल
पटेल ग्रुप के निदेशक बाबा पटेल ने कहा कि शहर के अनेक व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों और शोरूम के सामने की सड़कें अब तक पूरी नहीं बन सकी हैं। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। ग्राहक दुकानों तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो ग्राहक वाहन से आते हैं, उन्हें पार्किंग की भी पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा : बनपुरकर
शिवराज्य वाहतूक सेना के विदर्भ सचिव नीलेश बनपुरकर ने कहा कि भंडारा जिले में मानसून शुरू होने के बाद शहर के सभी खुदे हुए गड्डों में पानी भर जाएगा। इससे दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ेगा, जबकि चार पहिया वाहनों के पहिए भी गड्डों में फंस सकते हैं। उन्होंने मांग की प्रशासन सभी खतरनाक स्थलों पर तत्काल बैरिकेडिंग करे और चेतावनी संबंधी सूचना फलक लगाकर नागरिकों को सतर्क करें।
