पेज क्र.1 आयुध आयुध निर्माणी भंडारा में प्रशासन के खिलाफ एल्गार, कामगारों का 24 घंटे का चेन अनशन शुरू. निर्माण
आयुध निर्माणी भंडारा के कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ 24 घंटे का चेन अनशन शुरू किया है। वेतन विसंगति और अन्य मुद्दों पर कार्रवाई की मांग।
Bhandara News: देश की सुरक्षा के लिए दिनरात काम करने वाले आयुध निर्माणी भंडारा के कर्मचारियों का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है. प्रशासन पर केवल आश्वासन देने और तकनीकी नियमों के नाम पर टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री एम्प्लॉईज यूनियन ने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है.
20 अप्रैल से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन 24 घंटे के चेन अनशन की शुरुआत कर दी है. यूनियन के अनुसार, 4 मार्च और 6 अप्रैल 2026 को प्रशासन के साथ हुई बैठकों में वेतन विसंगति, ईआरपी सिस्टम की खामियां और ठंड के कपड़ों की व्यवस्था को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिए गए थे. लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. आरोप है कि प्रशासन नियमों का हवाला देकर समय निकाल रहा है.
नवंबर 2025 से ईआरपी सिस्टम के कारण कर्मचारियों के वेतन में भारी गड़बड़ी हो रही है, जो पांच महीने बाद भी दूर नहीं हो सकी है. दोहरी नीति पर सवाल यूनियन ने मांग की है कि जिन संगठनों की सदस्य संख्या 15 प्रतिशत से कम है, उन्हें दी गई कार्यालय और वेलफेयर पास जैसी सुविधाएं तुरंत बंद की जाएं. यूनियन का आरोप है कि प्रशासन तकनीकी कारणों का सहारा लेकर ऐसे संगठनों का पक्ष ले रहा है.
सम्बंधित ख़बरें
राजस्व मंत्री के दौरे में पूरी सरकारी मशीनरी, पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की उडी नींद
IRCTC करा रहा दिव्य दक्षिण यात्रा, भारत गौरव ट्रेन से होगा आध्यात्मिक धरोहर का अनुभव
राजस्व मंत्री के दौरे से पहले कार्यकर्ताओं की धरपकड़, भाकपा जिला सचिव व AISF प्रदेश अध्यक्ष नजरबंद
CREDAI-MCHI की प्रॉपर्टी एग्ज़िबिशन में बिके 234 घर, 398 करोड़ का लोन मंज़ूर
इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए जरूरी गर्म कपड़े देने के मामले में भी फाइलें लंबित रखी गई हैं. तीन दिन की बीमारी की छुट्टी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता न होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है. आंदोलन ने लिया उग्र रूप कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन तेज कर दिया है.
1 और 2 अप्रैल को बड़े धरनाप्रदर्शन के बाद 4 अप्रैल से रोजाना 12 घंटे का चेन अनशन शुरू किया गया था. अब 20 अप्रैल से इसे 24 घंटे के अनिश्चितकालीन अनशन में बदल दिया गया है. यूनियन ने औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के तहत प्रशासन पर अनुचित श्रम प्रथा अपनाने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी औद्योगिक अशांति के लिए प्रशासन ही जिम्मेदार होगा.
