Gondia New Balaji Hospital (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Crime News: भंडारा जिले में सनसनी फैलाने वाले बच्चा बिक्री मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मामले का मुख्य मास्टरमाइंड डॉ. नितेश वाजपेयी न केवल बच्चों की सौदेबाजी में शामिल था, बल्कि उसकी डॉक्टरी डिग्री भी संदिग्ध और संभवतः फर्जी है। जिला पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन ने चर्चा के दौरान बताया कि पुलिस अब डॉक्टर के शैक्षणिक दस्तावेजों और अस्पताल के पंजीयन की गहन जांच कर रही है।
इस पूरे काले कारोबार का पर्दाफाश तब हुआ, जब बाल कल्याण समिति की सतर्कता के कारण एक बच्चे को बेचने की कोशिश नाकाम कर दी गई। वरठी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो गोंदिया स्थित न्यू बालाजी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. नितेश वाजपेयी का नाम मुख्य सूत्रधार के रूप में सामने आया। पुलिस अब तक इस मामले में डॉक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में पांढराबोडी निवासी मालती वाघमारे नामक महिला को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद माता-पिता को निशाना बनाता था। जांच में एक और मामला सामने आया है, जिसमें दिसंबर माह में एक बच्चे को 4 लाख 70 हजार रुपये में बेचा गया था। पुलिस ने इस बच्चे को भी बरामद कर लिया है। चूंकि डॉ. वाजपेयी का अस्पताल गोंदिया में है और वहां से छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश की सीमाएं काफी नजदीक हैं, इसलिए पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
ये भी पढ़े: Bhandara News: चेन्नई के गोल्डन बीच पर हादसा, भंडारा की मयूरी चौधरी की मौत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोंदिया के जिला शल्य चिकित्सक को पत्र लिखकर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर की योग्यता की जानकारी मांगी है। पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट से आरोपी डॉक्टर की 11 दिन की और रिमांड मांगी जाएगी, ताकि इस रैकेट की तह तक पहुंचा जा सके। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे और जांच अधिकारी शिवम विसापुरे भी उपस्थित थे। पुलिस को अंदेशा है कि जांच आगे बढ़ने पर बच्चा बिक्री के कई और मामले उजागर हो सकते हैं।