शटर तोड़ नागपुर की गैंग का पर्दाफाश (सौजन्य-नवभारत)
Bhandara Theft News: भंडारा जिले के तीन प्रमुख शहरों भंडारा, जवाहरनगर और तुमसर में पिछले 48 घंटों से आतंक मचाने वाली शटर तोड़ गैंग को पकड़ने में स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने नागपुर के वाडी इलाके से एक 18 वर्षीय युवक और 4 विधि संघर्षग्रस्त किशोरों को हिरासत में लिया है। इस पूरे ऑपरेशन में सीसीटीवी फुटेज गेमचेंजर साबित हुए।
पुलिस ने बताया कि चोरों ने बेहद शातिराना तरीके से बुधवार, 8 अप्रैल की रात भंडारा (Bhandara) शहर और जवाहरनगर में करीब 24 दुकानों के शटर मोड़कर चोरी की। पुलिस अभी इस गुत्थी को सुलझा ही रही थी कि गुरुवार, 9 अप्रैल की रात इस गैंग ने तुमसर शहर में धावा बोलकर 8 और दुकानों के शटर तोड़ डाले। इस तरह 32 दुकानों के शटर तोड़े गए थे।
लगातार हो रही इन वारदातों से व्यापारियों में भारी रोष और हड़कंप व्याप्त था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन ने एलसीबी को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। निरीक्षक नितिन चिंचोलकर के नेतृत्व में गठित प्रॉपर्टी सेल ने जब तीनों शहरों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो संदिग्धों के तार नागपुर से जुड़े मिले।
एलसीबी की टीम ने जाल बिछाकर नागपुर के वाडी (आंबेडकर नगर) से मुख्य आरोपी सम्यक उत्तम वाटोडे (18) और उसके 4 किशोर साथियों को धर दबोचा। पुलिस अब इनके अन्य दो फरार साथियों की तलाश कर रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने फरार साथियों संतोष उर्फ कालू नागदेवे और चिंटू उइके के साथ मिलकर इन चोरियों को अंजाम दिया था। पुलिस ने उनके पास से चोरी का माल और चोरी में इस्तेमाल औजारों समेत कुल 19,000 रुपये का माल जब्त किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग केवल भंडारा (Bhandara) ही नहीं, बल्कि नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रही है।
शटर तोड़ नागपुर की गैंग का पर्दाफाश (सौजन्य-नवभारत)
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सफलतापूर्ण कार्रवाई के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन ने कहा कि इन चोरियों को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज ने मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने व्यापारियों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों और घरों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे जरूर लगाएं, ताकि अपराधियों पर नजर रखना और उन्हें पकड़ना आसान हो सके।
इस सफल कार्रवाई में एलसीबी निरीक्षक नितिन चिंचोलकर, सहायक निरीक्षक विवेक सोनवने, हवलदार प्रदीप डाहारे, सतीश देशमुख और उनकी 40 सदस्यीय पूरी टीम जो इस जांच में शामिल थी,उनका अहम योगदान रहा। पकड़े गए आरोपियों को आगे की जांच के लिए तुमसर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।