भंडारा में छात्रवृत्ति आवेदनों में भारी देरी, 7 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित, 30 जून की डेडलाइन
Bhandara Scholarship News: भंडारा जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 7,257 आवेदन कॉलेज स्तर पर लंबित पड़े हैं। सामाजिक न्याय विभाग और बहुजन कल्याण विभाग ने चेतावनी दी है।
Bhandara scholarship सोर्सः फाइल फोटो- (सोशल मीडिया()
Bhandara MahaDBT Portal: भंडारा, ब्यूरो। सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग तथा बहुजन कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित जाति, विजाभज, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भारत सरकार की ओर से दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक मैट्रिकोत्तर शिष्यवृत्ति के वितरण में बड़ी बाधा सामने आई है।
शैक्षिक सत्र 202526 के लिए छात्रवृत्ति प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून बेहद करीब है, लेकिन जिले के हजारों आवेदन अभी भी कॉलेज स्तर पर ही धूल फांक रहे हैं। शैक्षिक संस्थाओं के इस लापरवाह रवैये के कारण जिले के हजारों गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति अटकने का खतरा मंडराने लगा है।
महाडीबीटी पोर्टल पर लंबित पड़े हजारों आवेदन
27 मई तक की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक न्याय विभाग के 1,284 आवेदन कॉलेज स्तर पर लंबित हैं। दूसरी ओर, ओबीसी बहुजन कल्याण विभाग के अंतर्गत महाडीबीटी पोर्टल पर विभिन्न प्रवर्गां के 5,973 आवेदनों को कॉलेजों ने अटका कर रखा है। दोनों विभागों को मिलाकर 7,257 आवेदनों का पेंडिंग होना शैक्षिक हलकों में चिंता का विषय बना हुआ है।
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बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि इन लंबित आवेदनों में केवल चालू सत्र के ही नहीं, बल्कि वर्ष 201920 से लेकर अब तक के पुराने आवेदन भी शामिल हैं। सामाजिक न्याय विभाग के तहत जिले की 7 तहसीलों में 1,284 आवेदन लंबित हैं, जिनमें भंडारा तहसील 374 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पवनी में 276, तुमसर में 213, साकोली में 130, मोहाडी में 116, लाखनी में 99 और लाखांदुर तहसील में 73 आवेदन कॉलेज स्तर पर अटके हुए हैं।
छात्रवृत्ति मंजूरी में सुस्ती से पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों पर संकट
दूसरी तरफ, बहुजन कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले 5,973 लंबित आवेदनों में भी भंडारा तहसील की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां अकेले 1,617 आवेदन लंबित हैं। इसके बाद मोहाडी में 1,161, तुमसर में 914, पवनी में 835, साकोली में 624, लाखनी में 505 और लाखांदुर में 296 आवेदनों का समावेश है।
सत्र 202526 के आवेदनों का पहाड़
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र 202526 के आवेदनों की संख्या सबसे अधिक है। सामाजिक न्याय विभाग के चालू सत्र के 772 आवेदन लंबित हैं, जबकि ओबीसी कल्याण विभाग के 4,285 आवेदन अटके पड़े हैं। यदि कॉलेजों ने इन आवेदनों की तुरंत जांच कर इन्हें आगे फॉरवर्ड नहीं किया, तो 30 जून के बाद आधिकारिक लिंक बंद हो जाएगी, जिससे विद्यार्थियों का बड़ा आर्थिक और शैक्षिक नुकसान हो सकता है।
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छात्रवृत्ति रुकने का खतरा
सहायक निदेशक, भंडारा बहुजन कल्याण विभाग के डॉ. सचिन मडावी संबंधित कालेजतकनीकी दिक्कतों, अपूर्ण दस्तावेजों और कुछ महाविद्यालयों की लापरवाही के कारण सैकड़ों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। इस नुकसान को टालने के लिए सभी संबंधित कॉलेज गंभीरता दिखाएं और 30 जून की समय सीमा से पहले लंबित प्रस्तावों को तुरंत फॉरवर्ड करें।
कोई भी वंचित न रहे
समाज कल्याण सहायक आयुक्त आशा कवाडे ने कहा कि छात्रवृत्ति ही पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा का मुख्य आधार है। तकनीकी त्रुटियों या लापरवाही की वजह से एक भी पात्र छात्र योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी शैक्षिक संस्थान अपने स्तर पर लंबित आवेदनों का तुरंत निपटारा कर विद्यार्थियों का सहयोग करें।
