केवल 23 दिन में पानी-पानी हुआ भंडारा! अब नहीं सताएगा सूखा, किसानों के चेहरे खिले
Bhandara News: भंडारा जिले में इस वर्ष औसत से अधिक वर्षा से जलाशयों में 91.32% जल संग्रह हुआ, जिससे किसानों को सिंचाई और ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिली है।
- Written By: आकाश मसने
गोसीखुर्द बांध (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhandara News In Hindi: भंडारा जिले में इस वर्ष औसत से अधिक हुई। नतीजतन जिले के सभी जलाशयों और परियोजनाओं में 91.32% जलभंडार हो गया है। पिछले साल इसी दिन यह आंकड़ा 89.79% था। यानी इस बार पानी का संग्रह थोड़ा ज्यादा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को पानी की कमी से बड़ी राहत मिली है। इस साल बारिश की शुरुआत धीमी थी।
3 जुलाई तक भंडारा जिले में सिर्फ 22% पानी था और आधे से ज्यादा परियोजनाएं खाली थी। लेकिन बाद में लगातार हुई जोरदार बारिश से पानी का स्तर तेजी से बढ़ा। 8 अगस्त तक 79.65% जल संग्रहन था और सिर्फ 23 दिनों में यह बढ़कर 91.32% तक पहुंच गया है।
अच्छे जल भंडारण की वजह से खरीफ फसल की सिंचाई पूरी हो सकेगी और रबी मौसम के लिए भी पानी का तनाव फिलहाल टल गया है। यानी इस साल किसानों को पानी की कमी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल संकट की आशंका कम है।
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मध्यम परियोजना में 52.91% भंडार
जिले की 4 मध्यम परियोजनाओं में फिलहाल औसतन 52.91% पानी उपलब्ध है। इसमें चांदपुर परियोजना में 59.54%, बघेड़ा परियोजना में 94.53% (सबसे ज्यादा), बेटेकर बोथली परियोजना में 22.20% (सबसे कम) और सोरना परियोजना में 45.89% जल भंडार उपलब्ध है। पिछले साल इन परियोजनाओं में 85.60% जल भंडार था। इस साल पानी की मात्रा कम है, इसलिए सिंचाई और पेयजल का उपयोग सावधानी से करना होगा।
लघु परियोजना में स्थिति संतोषजनक
भंडारा जिले के 31 लघु परियोजनाओं में इस समय औसतन 80.62% पानी है। पिछले साल यह आंकड़ा 88.17% था। कई परियोजनाएं 100% भर चुकी हैं। इने से कुछ में पानी बाहर बह रहा है। कवलेवाडा, परसवाडा, डोंगरला, नागठाना मंडणगांव, सिल्लीआंबाडी, वाही, भिवखिडकी, कातुर्ली, पिलांद्री, शिवनीबांध, गुडरी, मुरमाडी, न्याहारवानी और वाकल की परियोजनाएं जल भंडारण से लबालब है।
वहीं खुर्शीवार, रेंगेपार कोठा, भूगाव मेंढा, टांगा, आमगांव, डोडमाझरी, मालीपार, चिखलपहेला, कुंभली जैसी परियोजनाओं में 60 से 90% तक पानी भरा है। कुछ परियोजनाएं जैसे कुरमडा, पवनारखारी, आंबागड, कारली, हिवरा में मात्र 30 से 50% पानी है। इन इलाकों में सिंचाई की दिक्कतें संभव होने की संभावना बताई जा रही हैं।
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मामा तालाब शतप्रतिशत भरा
भंडारा जिले के 28 मामा तालाब इस बार लबालब भरे हुए हैं। यहां औसतन 113.44% पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले साल यह 95.53% था। इनमें से आमगांव, वलमाझरी, पिंडकेपार, पाथरी, सावरबांध, परसोडी, खंडाला, लवारी, उमरी, सीतेपार, सानगडी, केसलवाडा, रेंगेपार कोहला, कन्हेरी, चान्ना, पिंपलगाव, चपराल, इंदोरा, दिघोरी और दहेगांव के तालाब पूरी तरह भरे हैं।
बड़े बांधों में 47.69% जल भंडार
भंडारा जिले में दो बड़े बांध है। इसमें से बावनथडी बांध में 46.60% (118.70 दलघमी) जल भंडार है। वही गोसीखुर्द बांध में 48.06% (355.77 दलघमी) पानी भरा है। इन दोनों बांधों को मिलाकर कुल 47.69% पानी संग्रहित है। पिछले साल इसी दिन 59.89% जल भंडार था।
