Nurul Hasan police (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Police Drive: भंडारा जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन के मार्गदर्शन में 21 फरवरी की रात 7 से 10 बजे के बीच पूरे जिले में ‘ऑल आउट ऑपरेशन’ चलाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया और पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत व्यापक कार्रवाई की।
इस विशेष मुहिम में जिले के 7 उपविभागीय पुलिस अधिकारी, 49 पुलिस अधिकारी और 285 पुलिस कर्मियों की टीम ने हिस्सा लिया। गोपनीय योजना के तहत अपराधियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। पुलिस ने सड़कों के साथ-साथ जेल से छूटे, रिकॉर्ड पर दर्ज बदमाशों और संदेहियों सहित 54 अपराधियों के घरों पर जाकर प्रत्यक्ष जांच की। कॉम्बिंग ऑपरेशन और नाकाबंदी के जरिए नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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आंधलगांव, सिहोरा और गोबरवाही पुलिस ने क्रमशः जांब रोड फाटा, गोंडीटोला फाटा और सिहोरा रोड पर कार्रवाई कर 3 शराबबंदी केस दर्ज किए और 100 से अधिक वाहनों की जांच की।
साकोली पुलिस ने लाखनी फाटा और सेंदूरवाफा टोल नाका पर 1 शराबबंदी केस दर्ज कर 46 वाहन जांचे।
लाखनी पुलिस ने 1 शराबबंदी और 1 ड्रंक एंड ड्राइव केस के साथ 37 वाहनों की जांच की।
पालांदुर, पवनी, लाखांदुर और अड्याल पुलिस ने भी नाकाबंदी कर कुल 4 शराबबंदी केस दर्ज किए और बड़ी संख्या में वाहनों की तलाशी ली।
दिघोरी पुलिस ने लाखांदुर रोड और खडकी क्षेत्र में 273 वाहनों की सघन जांच की।
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने प्रभावशाली आंकड़े दर्ज किए। कुल 21 शराबबंदी केस दर्ज हुए। यातायात नियम उल्लंघन के 275 मामले बनाए गए, जबकि 12 चालक शराब के नशे में पकड़े गए। पूरी मुहिम में 833 वाहनों की जांच की गई और रिकॉर्ड पर मौजूद 54 अपराधियों की गतिविधियों को खंगाला गया।
पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी। जिले से अवैध धंधों और नशीले पदार्थों का पूरी तरह सफाया करने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।