एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amol Mitkari Raises Questions On Pilots: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार की 28 जनवरी को हुई विमान दुर्घटना ने राज्य की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया है, जिसे भरना नामुमकिन है। लेकिन अब इस हादसे की जांच को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने जो दावे किए हैं, उन्होंने पूरे मामले को एक रहस्यमयी मोड़ दे दिया है। मिटकरी ने सीधे तौर पर पायलटों की नियुक्ति और विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ की स्थिति पर सवाल उठाते हुए साजिश की ओर इशारा किया है।
विधायक अमोल मिटकरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन दो पायलटों का जिक्र किया जिन्हें पहले अजित पवार के विमान के लिए नियुक्त किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि उस दिन साहिल मदन और यश नामक दो पायलट कहां थे और वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है? मिटकरी का सबसे बड़ा दावा यह है कि यदि 28 जनवरी को सुबह 5 बजे से इन दोनों पायलटों की CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकाल ली जाए, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वे किसके संपर्क में थे। उनका कहना है कि ब्लैक बॉक्स का डेटा तो बाद में भी मिल सकता है, लेकिन यह जानकारी अभी सबसे ज्यादा जरूरी है।
पायलट साहिल मदन व यश हे २८ जानेवारीला सकाळी पाच पासुन कुणाच्या संपर्कात होते याचा CDR जरी काढला तरी बरच चित्र क्लीयर होईल.@Fadanvis007 @mohol_murlidhar @CPMumbaiPolice — आ. अमोल गोदावरी रामकृष्ण मिटकरी (@amolmitkari22) February 22, 2026
केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि दुर्घटना के दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण विमान के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस पर तकनीकी सवाल उठाते हुए मिटकरी ने पूछा कि आखिर विमान की पूंछ में सुरक्षित रहने वाला ब्लैक बॉक्स कैसे जल सकता है? आमतौर पर ब्लैक बॉक्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह भीषण आग और दबाव को झेल सके, ऐसे में इसका क्षतिग्रस्त होना मिटकरी की नजर में संदेह के घेरे में है।
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यह पहली बार नहीं है जब अमोल मिटकरी ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। वे पहले भी पूछ चुके हैं कि आखिरी समय पर पायलट क्यों बदले गए और विमान का चयन किस आधार पर किया गया था? उन्होंने विशेष रूप से पायलट सुमित कपूर की नियुक्ति पर सवाल खड़ा किया है, जो पहले ही निलंबन की कार्रवाई झेल चुके थे।
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, इस हादसे को लेकर संदेह की परतें गहरी होती जा रही हैं। हालांकि, अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे ही इस विमान हादसे का असली सच सामने आने की संभावना है।