भंडारा जिले में पटवारियों के 34 पद रिक्त, 7 तहसील और 34 राजस्व मंडलों का काम प्रभारियों के भरोसे
Bhandara Patwari Vacancies News: भंडारा जिले में पटवारियों के 34 पद रिक्त होने से किसानों को सातबारा, फेरफार और जमीन संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Revenue Department (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो- सोशल मीडिया)
Bhandara Revenue Department News: राजस्व विभाग में गांव स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण और सीधे जनता से जुड़े अधिकारी के रूप में पटवारी की भूमिका मानी जाती है। जमीन से संबंधित रिकॉर्ड, सातबारा, आठअ, फेरफार, जमीन मापी तथा कर वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्य पटवारी के माध्यम से ही किए जाते हैं।
यही कारण है कि पटवारी को ग्रामीण राजस्व प्रशासन की रीढ़ माना जाता है। लेकिन जिले में वर्तमान समय में पटवारियों के 34 पद रिक्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की प्रशासनिक स्थिति भंडारा जिले में कुल 7 तहसील और 34 राजस्व मंडल हैं। ग्रामीण प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए पटवारी सजों का गठन किया गया है।
पदोन्नति प्रक्रिया के कारण ये पद रिक्त
जिले में पटवारियों के कुल स्वीकृत पद 243 हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 209 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 34 पद खाली पड़े हैं। जानकारी के अनुसार हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया के कारण ये पद रिक्त हुए हैं। इसके चलते कार्यरत पटवारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ गया है। कई पटवारियों को दो से तीन सजों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है, जिससे सभी गांवों को पर्याप्त समय देना संभव नहीं हो पा रहा है।
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ऑनलाइन सेवा के बावजूद किसानों को दिक्कत सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से सातबारा और फेरफार की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। हालांकि, डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड करने, फेरफार मंजूरी तथा ऑनलाइन आवेदनों की जांच के लिए किसानों को अब भी पटवारी से प्रत्यक्ष संपर्क करना पड़ता है। एक ही पटवारी के पास कई गांवों का प्रभार होने के कारण किसानों को अधिकारियों के मिलने का इंतजार करना पड़ता है।
ऑनलाइन प्रणाली में तकनीकी त्रुटियों का हवाला
कई बार ऑनलाइन प्रणाली में तकनीकी त्रुटियों का हवाला देकर काम टाल दिया जाता है, जिससे किसानों के पीक कर्ज, सरकारी योजनाओं और अनुदान से जुड़े कार्य लंबित हो रहे हैं। पटवारियों को अतिरिक्त प्रभार चव्हाण इस संबंध में निवासी उपजिलाधिकारी मनोहर चव्हाण ने कहा कि पदोन्नति के कारण जिले में पटवारियों के 34 पद रिक्त हुए हैं।
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हालांकि किसानों के काम प्रभावित न हों, इसके लिए कार्यरत पटवारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने ऑनलाइन सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बनाने तथा लंबित फेरफार प्रकरणों का जल्द निपटारा करने के लिए सभी उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न हो।
