NEET पेपर लीक का बीड-पुणे कनेक्शन; 700 से ज्यादा नंबर पाने वाले छात्रों का CBI ने खंगाला डेटा
NEET Paper Leak CBI Investigation PV Kulkarni Latur: नीट पेपर लीक मामले में बीड और लातूर में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई। मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी की अवैध बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर।
- Written By: अनिल सिंह
बीड के उमाकिरण इलाके की NEET कोचिंग क्लासों पर छापेमारी (फोटो क्रेडिट-X)
NEET Paper Leak CBI Raid Latur Beed: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की परतें हर दिन के साथ और डरावनी होती जा रही हैं। लातूर में रविवार से डेरा डाले हुए सीबीआई के अधिकारियों ने मंगलवार को एक नामचीन बाल रोग विशेषज्ञ (Pediactrician) से करीब साढ़े चार घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी। इसके बाद, बुधवार सुबह से ही सीबीआई ने अपना पूरा ध्यान संदिग्ध छात्रों, बिचौलियों और कोचिंग स्टाफ के नेटवर्क पर केंद्रित कर दिया है। सीबीआई को पुख्ता अंदेशा है कि प्रश्नपत्र की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बेहद व्यवस्थित तरीके से लातूर, बीड और पुणे के केंद्रों पर चलाई जा रही थी।
इस जांच में सबसे बड़ा मोड़ बीड शहर से आया है। गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगांवकर और पी.वी. कुलकर्णी के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए सीबीआई की टीम बीड के उमाकिरण इलाके में पहुंची। यहाँ कई नामचीन कोचिंग सेंटरों के डिजिटल डेटा, फीस ट्रांजैक्शन और बाहरी जिलों से आकर पढ़ने वाले छात्रों की सूचियों को खंगाला गया। विशेष रूप से उन क्लासों के शिक्षकों और संचालकों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जो पिछले कुछ महीनों में मुख्य आरोपियों के लगातार संपर्क में थे।
आरसीसी (RCC) के ‘गेस पेपर’ और फेसबुक लाइव का सच
जांच एजेंसियों को शुरुआती तकनीकी विश्लेषण में पता चला है कि नीट परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद कुछ कोचिंग सेंटरों के छात्रों ने सोशल मीडिया और फेसबुक लाइव पर आकर दावा किया था कि मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र बेहद आसान था और आरसीसी कोचिंग द्वारा दिए गए ‘अनुमानित प्रश्नपत्र’ (Guess Paper) के प्रश्न हूबहू असली पेपर से मेल खा रहे थे। सीबीआई अब उन छात्रों और परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहे आरसीसी के कर्मचारियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक कर उसे कोचिंग के आंतरिक टेस्ट के नाम पर छात्रों को रटवाया गया था।
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मास्टरमाइंड कुलकर्णी के अवैध साम्राज्य पर चलेगा हथौड़ा
एक तरफ जहां सीबीआई कागजी और डिजिटल सबूत जुटा रही है, वहीं दूसरी तरफ बीड जिला प्रशासन ने नीट घोटाले के मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बीड नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शैलेश फडसे ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कुलकर्णी द्वारा बीड के शाहूनगर इलाके में अपनी पुश्तैनी जमीन पर जो आलीशान बिल्डिंग बनवाई जा रही है, वह पूरी तरह अवैध है। नगर नियोजन (Town Planning) और संपत्ति कर विभाग के निरीक्षण में सामने आया है कि इस निर्माण के लिए नगर पालिका से कोई भी आधिकारिक अनुमति या ले-आउट पास नहीं कराया गया था।
बिल्डर को नोटिस, दर्ज होगा मुकदमा
यह अवैध निर्माण ‘शिवशक्ति बिल्डर्स एंड डेवलपर्स’ द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा था, जिसका खुलासा कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद हुआ। सीईओ शैलेश फडसे के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में संबंधित बिल्डर और पी.वी. कुलकर्णी को अंतिम कारण बताओ नोटिस भेजा जा रहा है। यदि तय समय सीमा के भीतर मालिकाना हक और अनुमति के वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो इस अनधिकृत निर्माण को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया जाएगा और टाउन प्लानिंग एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) भी दर्ज की जाएगी।
