Bhandara: जातिगत जनगणना के लिए OBC का महा-आंदोलन, सरकार को दिया आखिरी अल्टीमेटम, बोले- अगर नहीं मिला कॉलम…
OBC Long March Bhandara: भंडारा में ओबीसी का शक्ति प्रदर्शन! जातिगत जनगणना के लिए कलेक्टर कार्यालय पर उमड़ा जनसैलाब। 52% हिस्सेदारी और 100% स्कॉलरशिप की मांग। जानें प्रमुख अल्टीमेटम।
- Written By: प्रिया जैस
जातिगत जनगणना के लिए OBC की हुंकार (सौजन्य-नवभारत)
Caste Based Census India: ओबीसी समाज की लंबित मांगों, खासकर जातिवार जनगणना की मांग को लेकर रविवार को भंडारा शहर में ओबीसी संघर्ष समिति के नेतृत्व में भव्य लॉन्ग मार्च निकाला गया। शहर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान से शुरू हुआ यह मार्च जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए।
इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम न रखने के फैसले का तीव्र विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं दिया जाता, तब तक वे जनगणना प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे।
ज्ञापन सौंपा, आंदोलन तेज करने की चेतावनीः
मार्च के बाद आयोजित सभा में प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजने के लिए सौंपा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा।
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इस दौरान भगीरथ धोटे, उमेश कोर्राम, गोपाल सेलोकर, जयंत झोडे, मंगला वाडीभस्मे, ललिता देशमुख, वृंदा गायधने, भावना निकुले, शुभदा झंझाड, अनिता बोरकर, मनोज बोरकर, अरुण लुटे हजारों नागरिकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाया।
प्रमुख मांगें
- जनगणना में OBC कॉलम शामिल किया जाए
- 52% आबादी के अनुसार हिस्सेदारी
- 100% छात्रवृत्ति
- आरक्षण सीमा बढ़ाई जाए
- घुसपैठ रोकी जाए
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नेताओं का सरकार पर जमकर हमला
इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला। विपक्ष के नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया, उनका कहना था कि लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी जातिवार जनगणना का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है। इस मार्च की खास बात महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने पीली टोपी और दुपट्टे पहनकर विरोध दर्ज कराया, जिससे पूरा शहर पीले रंग में रंगा नजर आया। जय ओबीसी, जय संविधान के नारों से कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा।
