Bhandara News: साकोली में जर्जर मकान का हिस्सा ढहा, मलबे में दबे मां-बेटे को बचाया गया
Bhandara Compensation Demand: भंडारा जिले के साकोली में लगातार बारिश के बीच जर्जर मकान की गैलरी अचानक ढह गई। हादसे में मां और 11 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है।
जर्जर मकान हादसा (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Building Collapse : पिछले तीन दिनों तक होती रही बारिश के कारण साकोली शहर के गणेश वार्ड में गुरुवार सुबह एक जर्जर मकान की गैलरी अचानक ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में गैलरी में मौजूद मां और उसका 11 वर्षीय बेटा स्लैब समेत नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भास्कर कापगते के पुराने व जर्जर मकान में कुंदा चंद्रकांत शेंडे 35 अपने परिवार के साथ बतौर किरायेदार रहती हैं।
सुबह करीब 8।14 बजे कुंदा अपने बेटे मयूर शेंडे 11 के साथ मकान की सामने वाली गैलरी में बर्तन साफ कर रही थीं। इसी दौरान जर्जर हो चुकी गैलरी का स्लैब अचानक ढह गया, जिससे दोनों मलबे के साथ नीचे आ गिरे। घटना के तुरंत बाद आसपास के नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को साकोली के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
मलबे में दबी दोपहिया, घरेलू सामान का नुकसान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से पुरानी इमारत में नमी बढ़ने के कारण उसकी स्थिति और कमजोर हो गई। स्थानीय नागरिक चंद्रकांत कुथे ने बताया कि इमारत पहले से ही जर्जर अवस्था में थी। हादसे के दौरान गैलरी के मलबे के नीचे एक हीरो होंडा दोपहिया वाहन तथा घर का अन्य सामान दब गया, जिससे अतिरिक्त आर्थिक नुकसान हुआ है।
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प्रशासन से मुआवजे की मांग
हादसे के काफी समय बीत जाने के बाद भी मौके पर न तो राजस्व विभाग और न ही नगर परिषद का कोई अधिकारी पहुँचा, जिससे स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश देखा गया। पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और किराये पर जीवनयापन कर रहा है। स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से माँग की है कि तत्काल घटनास्थल का पंचनामा कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें राहत मिल सके।
