भंडारा में 6 वर्षीय सानवी की पीड़ा देख भावुक हुए सांसद प्रशांत पडोले, दिव्यांग बच्ची को न्याय का भरोसा
Bhandara News: भंडारा में सांसद डॉ. प्रशांत पडोले ने नन्हीं सानवी की पीड़ा सुनकर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। सानवी की स्थिति और उसके परिवार का संघर्ष सभी को भावुक कर देता है।
Bhandara MP Prashant Padole News: एक मासूम बच्ची की पीड़ा और उसके मातापिता का संघर्ष किसी का भी दिल द्रवित कर सकता है। ऐसी ही हृदयस्पर्शी घटना भंडारा स्थित विश्राम भवन में सामने आई, जहां पवनी तहसील के अड्याल निवासी छह वर्षीय सानवी विष्णु नान्हे की स्थिति देखकर सांसद डॉ। प्रशांत पडोले भावुक हो गए। उन्होंने बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने के लिए शासन स्तर पर लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया।सानवी जन्म से ही बोलने में असमर्थ है और अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो सकती।
जिला सामान्य अस्पताल द्वारा उसे 75 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाणपत्र दिया गया है, लेकिन यह प्रमाणपत्र अस्थायी होने के कारण उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। परिणामस्वरूप, जिन कागजों से सहायता मिलनी चाहिए थी, वही परिवार के लिए बेकार साबित हो रहे थे। पिछले कई महीनों से उसके मातापिता उसे गोद में लेकर विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा था।
जब यह मामला सांसद के संज्ञान में आया, तो उन्होंने परिवार को विश्राम भवन में बुलाया। सानवी की हालत देखकर सांसद खुद पायदान पर बैठ गए और परिजनों से बातचीत की। मातापिता की आंखों में आंसू देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। दिव्यांगों से जुड़े लंबित मामलों पर जताई नाराजगीइसके बाद सांसद ने तुरंत जिला शल्य चिकित्सक डॉ। संदीप गजभिये से संपर्क कर बच्ची के मामले में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
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इस दौरान सांसद ने जिले में दिव्यांगों से जुड़े लंबित मामलों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को न्याय दिलाना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य है। उन्होंने जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाने और स्थायी समाधान निकालने की बात कही।
सांसद की इस संवेदनशील पहल से सानवी के परिवार को बड़ी राहत मिली है। साथ ही जिले के अन्य दिव्यांग परिवारों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा। एक मासूम बच्ची के संघर्ष ने जहां व्यवस्था को झकझोरा है, वहीं अब उसके न्याय के लिए ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
