परिणय फुके और नाना पटोले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Vidhayak Nidhi Bhandara: भंडारा जिले के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य शासन से प्राप्त होने वाली विधायक विकास निधि के विनियोग और प्रबंधन में विधान परिषद सदस्य डॉ. परिणय फुके ने बाजी मारी है। आंकड़ों के विशेष मूल्यांकन से यह स्पष्ट हुआ है कि निधि खींचकर लाने और उसे प्रशासनिक मंजूरी दिलाने में डॉ. फुके जिले में प्रथम स्थान पर हैं, जबकि तुमसर-मोहाडी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक राजू कारेमोरे इस रेस में फिलहाल सबसे पीछे नजर आ रहे हैं।
जिले के चार विधायकों को प्राप्त कुल 20 करोड़ रुपये की निधि में से अधिकांश हिस्सा समाज भवन, सड़कों और शैक्षणिक सामग्री पर खर्च किया गया है। डॉ. परिणय फुके ने 5 करोड़ रुपये की प्राप्त निधि के मुकाबले 7 करोड़ 27 लाख। 26 हजार रुपये के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दिलाकर जिले में पहला स्थान हासिल किया है।
उन्होंने कुल 82 विकास कार्यों का नियोजन किया है, जिसमें से 1 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च कर 30 स्कूलों को कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराए हैं। केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहकर तकनीकी शिक्षा पर जोर देने वाले वे जिले के एकमात्र विधायक बनकर उभरे हैं। दूसरी ओर साकोली के विधायक नाना पटोले 5 करोड़ की निधि के मुकाबले 5 करोड़ 72 लाख 17 हजार रुपये के कार्यों को मंजूरी दिलाकर दूसरे स्थान पर रहे।
उन्होंने केवल 30 कार्यों का नियोजन किया है, लेकिन उनका ध्यान समाज भवन और सौंदर्यीकरण जैसे बड़े और भव्य प्रोजेक्ट्स पर अधिक रहा है। वहीं भंडारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने 72 कार्यों के लिए 5 करोड़ 10 लाख 02 हजार रुपये की मंजूरी दिलाई है। उन्होंने सर्वाधिक 4 करोड़ 60 लाख रुपये सीमेंट कांक्रीट सड़कों और नाली निर्माण पर खर्च किए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास में उनकी सक्रियता स्पष्ट दिखती है।
विकास की इस रेस में तुमसर-मोहाडी के विधायक राजू कारेमोरे की रफ्तार काफी सुस्त नजर आ रही है। 5 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध होने के बावजूद वे केवल 2 करोड़ 79 लाख 39 हजार रुपये के 38 कार्यों को ही प्रशासनिक मंजूरी दिला पाए हैं।
अन्य विधायकों की तुलना में उनके निर्वाचन क्षेत्र में कार्यों की गति और निधि नियोजन का प्रमाण लगभग आधा है। आंकड़ों के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि जिले के अधिकांश विधायकों का रुझान समाज भवन और सौंदर्यीकरण पर अधिक है, जिसके लिए 13 करोड़ रुपये से अधिक की निधि मंजूर की गई है।
यह भी पढ़ें – नकली नोट से सावधान, चंद्रपुर के बंद फ्लैट में पकड़ा गया 91 लाख का जखीरा, एमपी से जुड़े तार! EPSON की ली मदद
| विधायक का नाम | मंजूर कार्य | प्रशासनिक मंजूरी (₹ लाख) | मुख्य फोकस क्षेत्र |
| डॉ. परिणय फुके | 82 | 727.26 | शिक्षा (IT) और तकनीकी विकास |
| नाना पटोले | 30 | 572.17 | समाज भवन और सौंदर्यीकरण |
| नरेंद्र भोंडेकर | 72 | 510.02 | सीमेंट सड़कें और बुनियादी ढांचा |
| राजू कारेमोरे | 38 | 279.39 | बुनियादी कार्य (सुस्त रफ्तार) |