प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Bhandara Government Scheme: भंडारा ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों के हाथों को और अधिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं, विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी अभियान अर्थात वीबी ग्राम जी नाम की नई योजना को आधिकारिक मंजूरी दी गई है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब मजदूरों को साल में 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी, हालांकि, भंडारा जिले में इस योजना का प्रत्यक्ष क्रियान्वयन अभी शुरू होना बाकी है, जिससे जिले के 6 लाख से अधिक पंजीकृत मजदूरों की निगाहें नई व्यवस्था और इसके प्रावधानों पर टिकी हैं।
वर्ष के भंडारा जिले की 547 ग्राम पंचायतों में 2 लाख 88 हजार 242 परिवारों का रोजगार गारंटी योजना के तहत पंजीकरण है। इसमें कुल 6 लाख 31 हजार 282 लोग मजदूर के रूप में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
पिछले स्वीकृत किए गए कई कार्य तकनीकी दिक्कतों और निधि के समय पर उपलब्ध न होने के कारण अभी भी लंबित पड़े है। नए कानून के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक यह है कि अब काम की मांग करने के 15 दिनों भीतर यदि प्रशासन रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाता है।
तो मजदूरों को स्वतः ही बेरोजगारी भत्ता मिलना शुरू हो जाएगा। यह प्रावधान उन मजदूरों के लिए बड़ा संबल बनेगा जिन्हें काम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
लेकिन वर्तमान में जिले के 140 संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रशासनिक मशीनरी के सामने इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
नए अधिनियम में रोजगार की सीमा को वार्षिक रूप से 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही बेरोजगारी भते का कानूनी अधिकार भी सुनिश्चित किया गया है।
यदि मजदूरी के भुगतान में देरी होती है, तो प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिका मुआवजा दिया जाएगा। कार्यों के नियोजन और चयन में ग्रामसभा की भागीदारी को अब पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वायतता बढ़ेगी।
कार्यों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचा आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल है।
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केंद्र सरकार की ओर से योजना में रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाना और बेरोजगारी भते जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान मील का पत्थर साबित होंगे। जिले में इसके पूर्ण रूप से लागू होने से मजदूरों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेगी बल्कि उनके लिए स्थायी और शाश्वत रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे,
– उपजिलाधिकारी (रोगायों), डॉ. प्रशांत पडधाम
प्रशासनिक समन्यय और नियोजन के स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कृषि कार्यों के दौरान सखेतों में मजदूरों की कमी न हो। इसके लिए राज्य सरकार को बुआई और कटाई के समय 60 दिनों को अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है।
इस अधिसूचित अवधि के दौरान अभियान के कार्य बंद रहेगे ताकि खेती का काम प्रभावित न हो, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जारी मनरेगा के सभी पुराने कार्य पूरे किए जाएंगे, लेकिन नए कार्य केवल वीबी ग्राम जी कानून के तहत ही शुरू होंगे।