Bhandara News: देहदान के इंतजार में भंडारा मेडिकल कॉलेज, रिसर्च के लिए नागपुर से लाने पड रहे शव
Cadaver Shortage In Bhandara: भंडारा शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों की प्रायोगिक पढ़ाई के लिए कैडवेर की कमी बनी हुई है। दो साल में स्थानीय स्तर पर एक भी शव नहीं मिला।
- Written By: आंचल लोखंडे
शवों की कमी- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Government Medical College Bhandara: भंडारा में शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल शुरू हुए दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन यहां के चिकित्सा विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा के लिए आवश्यक शवों (कैडवेर) का संकट बना हुआ है। जिले में देहदान को लेकर जनजागरण की कमी के कारण एक भी शव प्राप्त नहीं हो सका है। नतीजतन, मेडिकल कॉलेज प्रशासन को छात्रों की पढ़ाई सुचारू रखने के लिए नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
भंडारा के इस शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए 100 सीटें स्वीकृत हैं। नियमानुसार प्रत्येक 100 विद्यार्थियों के बैच के लिए अध्ययन के लिए एक वर्ष में कम से कम 5 से 10 शवों की आवश्यकता होती है। स्थानीय स्तर पर शव उपलब्ध न होने के कारण इस वर्ष नागपुर से 6 शव भंडारा लाने पड़े हैं। यदि ये शव नहीं मिलते तो विद्यार्थियों का व्यावहारिक अध्ययन पूरी तरह बाधित हो जाता।
क्यों जरूरी है मृतदेह
चिकित्सा शिक्षा में शव (कैडवेर) की अत्यधिक आवश्यकता होती है। एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र किताबों या थ्योरी से ज्ञान तो प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन मानव शरीर की वास्तविक संरचना, नसों, धमनियों और मांसपेशियों की बनावट को गहराई से समझने के लिए एनाटॉमी का व्यावहारिक विच्छेदन जरूरी होता है। इसके अलावा, भविष्य के डॉक्टरों को सर्जिकल ट्रेनिंग, चीरा लगाने, टांके लगाने आवश्यकता पड़ती है।
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150 लोगों का मरणोपरांत देहदान का संकल्प
जिले में देहदान को लेकर स्थिति यह है कि अब तक लगभग 150 जागरूक नागरिकों ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प पत्र भरा है। हालांकि, वर्तमान में जब शिक्षा कार्य के लिए देह की तत्काल आवश्यकता है, तब परिजनों की ओर से सहमति न मिलने या जागरूकता के अभाव के कारण देहदान के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। प्रशासन की ओर से इस दिशा में निरंतर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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देहदान के लिए जागरूकता अभियान
भंडारा विभाग प्रमुख, शरीररचना शास्त्र विभाग प्रा. डॉ. तारकेश्वर गोलघाटे ने कहा कि शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, भंडारा में अध्ययनरत भावी डॉक्टरों की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए हमारी ओर से शवों (कैडवेर) को प्राप्त करने के निरंतर प्रयास जारी हैं। इसके साथ ही आम नागरिकों में देहदान के प्रति भ्रांतियां दूर करने और उन्हें इस महादान के लिए प्रेरित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
