ऑपरेशन थंडर से नशा तस्करों पर शिकंजा, नागपुर पुलिस का अभियान तेज, नागरिकों से सहयोग की अपील

Nagpur Operation Thunder: नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत नागपुर पुलिस ने नागरिकों से अमली पदार्थों के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया।
'Operation Thunder' tightens the noose on drug smugglers; Nagpur Police intensifies campaign and appeals for public cooperation.
नागपुर, युवा जागरूकता, पुलिस अभियान,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Nasha Mukt Bharat: नागपुर अंतरराष्ट्रीय नशा विरोध दिवस एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर देशभर में 17 से 26 जून तक 'नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान' विषय पर नशा मुक्त भारत सप्ताह मनाया जा रहा है। ज्ञात हो कि हर वर्ष पूरे विश्व में 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा विरोध दिवस मनाया जाता है।

इस दिवस को देखते हुए शहर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने नागरिकों से अमली पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में सक्रिय भागीदारी और पुलिस को सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने के लिए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर 'ऑपरेशन थंडर' शुरू किया गया था।

इस अभियान को समाज से अच्छा प्रतिसाद मिला है और वरिष्ठ नागरिक भी इसमें आगे आकर सहयोग कर रहे हैं। पुलिस न केवल नशे की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने पर काम कर रही है, बल्कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।

पुलिस दीदी व काका बने बड़े मददगार

डॉ. सिंगल ने बताया कि नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास के लिए उन्हें पुनर्वास केंद्रों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। ऑपरेशन यू-टर्न के तहत अत्याधुनिक ड्रग डिटेक्टर मीटर की मदद से पब, बार और भीड़भाड़ वाले स्थानों के बाहर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

'पुलिस दीदी' और 'पुलिस काका' अभियान के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग क्लासों और बस्तियों में जाकर युवाओं और नागरिकों को नशे के दुष्परिणाम, कानूनी परिणाम और पुनर्वास सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।

नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मादक पदार्थ बेचने वालों, पेडलरों और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

2 वर्षों में 1,000 मामले, 21.94 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देशों के बाद मार्च 2024 में शुरू किए गए ऑपरेशन थंडर' के तहत पिछले 2 वर्षों में एनडीपीएस कानून के अंतर्गत 1,000 मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने 21.94 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए तथा 1,438 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने 185 मामलों में लगभग 1,499 किग्रा गांजा जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 3.36 करोड़ रुपये है। इन मामलों में 271 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं मेफेड्रोन (एमडी) के 189 मामलों में 17.690 किग्रा मादक पदार्थ जब्त किया गया, जिसकी कीमत 11 करोड़ रुपये से अधिक है और 343 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा डोडा, अफीम, चरस, ब्राउन शुगर और एलएसडी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

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