भंडारा में गैस किल्लत के बीच सरकारी केरोसीन का इंतजार, 60,000 लीटर मंजूर स्टॉक के बावजूद राशन दुकानों से गायब
LPG Shortage News: भंडारा जिले में गैस किल्लत के बीच मंजूर हुआ 60,000 लीटर केरोसीन अब तक राशन दुकानों तक नहीं पहुंचा है। तकनीकी कारणों और लाइसेंस प्रक्रिया में देरी से गरीब जनता परेशान है।
Bhandara Kerosene Supply News: वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और एलपीजी गैस की भारी किल्लत के कारण आम नागरिकों की कमर टूट गई है। ऐसी स्थिति में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बड़े जोरशोर से घोषित की गई केरोसीन वितरण योजना फिलहाल भंडारा जिले में केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। राशन दुकानों पर वर्तमान में तीन महीने का अनाज तो एक साथ बांटा जा रहा है, लेकिन हक का केरोसीन पाने के लिए गरीब जनता को अब भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
घोषणा के 15 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक क्रियान्वयन शून्य होने से आम आदमी के घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। भंडारा शहर सहित ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। गैस एजेंसियों के सामने सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी हैं और कई दिनों के इंतजार के बाद भी गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
इस संकटपूर्ण स्थिति में सरकार को गरीबों के आधार केरोसीन की याद आई। केंद्र सरकार ने 12 मार्च को विशेष आदेश जारी कर गैस किल्लत के अस्थायी विकल्प के तौर पर दोबारा केरोसीन वितरण को मंजूरी दी थी। हालांकि, इस घोषणा को पखवाड़ा बीत चुका है।
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इस विशेष निर्णय के तहत महाराष्ट्र के लिए कुल 37।44 लाख लीटर स्टॉक मंजूर किया गया है, जिसमें से भंडारा जिले के हिस्से में 60,000 लीटर केरोसीन आया है। इस स्टॉक के परिवहन के लिए 5 टैंकरों को अनुमति भी दी गई है। स्टॉक मंजूर होने के बावजूद यह उचित मूल्य की राशन दुकानों तक नहीं पहुंच पाया है।
जिलाधिकारी सावन कुमार ने पहले कहा था कि केरोसीन की दरों के संबंध में जल्द ही स्वतंत्र आदेश जारी किए जाएंगे, लेकिन आज भी राशन दुकानदार केरोसीन नहीं आया का जवाब देकर लाभार्थियों को खाली हाथ लौटा रहे हैं। प्रशासनिक योजना के अनुसार, यह केरोसीन मुख्य रूप से अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता प्राप्त परिवार राशन कार्ड धारकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, स्टॉक उपलब्ध होने पर सफेद राशन कार्ड धारकों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
प्रशासनिक सुस्ती का फटका
जिले के लिए मार्च व अप्रैल 2026 के महीनों के लिए तहसीलवार मांग दर्ज की गई है। हालांकि, 5 टैंकरों को मंजूरी मिलने के बावजूद तेल कंपनियों से स्टॉक उठाने और उसे खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाने में कहां अड़चन आ रही है, इसका स्पष्ट जवाब आपूर्ति विभाग के पास नहीं है।
चर्चा है कि दर निर्धारण का मुद्दा अटका हुआ है, लेकिन आपातकालीन स्थिति में इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना अपेक्षित था।
तकनीकी कारणों से हो रहा विलंब
पिछले कई वर्षों से केरोसीन वितरण बंद होने के कारण इसकी वितरण व्यवस्था को पुनर्जीवित करने में थोड़ा समय लग रहा है। आपूर्ति सुचारू करने के लिए नागपुर से अधिकृत लाइसेंस धारकों की नियुक्ति की गई है। चूंकि केरोसीन एक ज्वलनशील पदार्थ है, इसलिए इसके परिवहन और बिक्री के लिए आवश्यक विस्फोटक पदार्थ बिक्री लाइसेंस प्राप्त करने में कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई। यह लाइसेंस प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही जिले की सातों तहसीलों में केरोसीन वितरण तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। नरेश वंजारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, भंडारा।
- महाराष्ट्र के लिए 37.44 लाख लीटर केरोसीन स्टॉक मंजूर
- भंडारा जिले को 60,000 लीटर आवंटन
- परिवहन के लिए 5 टैंकरों को अनुमति
- 15 दिन बाद भी वितरण शुरू नहीं
- गैस किल्लत के बीच गरीबों को राहत का इंतजार
गैस संकट के इस दौर में केरोसीन योजना का समय पर क्रियान्वयन न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग तेजी दिखाते हुए योजना को जल्द से जल्द लागू करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
