गर्मियों की छुट्टियों में ST बस का सफर हुआ महंगा, 10% किराया बढ़ा, जानें आपकी जेब पर कब तक पड़ेगा बोझ
ST Bus Fare Hike: महाराष्ट्र एसटी निगम ने गर्मियों की छुट्टियों के मद्देनजर बसों के किराए में 10% की 'सीजनल बढ़ोतरी' की है। साथ ही अब हर टिकट पर स्वच्छता सरचार्ज भी देना होगा। जानें पूरी डिटेल्स।
- Written By: आकाश मसने
एसटी बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra ST Bus Fare Hike News: गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही अपने पैतृक गांव या पर्यटन स्थलों पर जाने की योजना बना रहे आम यात्रियों को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने बड़ा झटका दिया है। एसटी प्रशासन ने 15 अप्रैल से 15 जून तक के लिए बस किराए में 10 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी है। केवल इतना ही नहीं, अब यात्रियों को प्रत्येक टिकट पर 2 रुपये का ‘स्वच्छता सरचार्ज’ भी अलग से देना होगा।
बुधवार से यह किराया बढ़ोतरी लागू होने के बाद कई यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। आलोचकों का कहना है कि चूंकि एसटी निगम पहले ही किराया बढ़ा चुका था, इसलिए किराए में इस अतिरिक्त सीजनल बढ़ोतरी की कोई जरूरत नहीं थी।
ST Bus Fare Hike: 15 जून तक लागू रहेगी बढ़ोतरी
पुणे में स्वारगेट और शिवाजीनगर डिपो से बड़ी संख्या में एसटी बसें चलती हैं। जो राज्य के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ती हैं। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान अपने पैतृक गांवों की यात्रा करने वाले पर्यटन के लिए निकलने वाले या तीर्थ यात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। यात्रियों की इस बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए एसटी निगम ने किराए में यह सीजनल बढ़ोतरी लागू की है। किराए में यह बढ़ोतरी 15 अप्रैल से 15 जून तक लागू रहेगी।
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कुछ महीने पहले ही बढ़ा था किराया
एसटी महामंडल ने कुछ महीने पहले ही किराया बढ़ाया था। नतीजतन किराए में इस अतिरिक्त मौसमी बढ़ोतरी (ST Bus Fare Hike) से आम नागरिक पर भारी बोझ पड़ने की आशंका है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की यात्राओं पर पड़ेगा। इससे एक साथ यात्रा करने वाले परिवारों का बजट बिगड़ सकता है। एसटी प्रशासन के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों, रखरखाव के खर्चों और यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को संभालने में आने वाली लागत की भरपाई के लिए किराए में यह बढ़ोतरी जरूरी मानी गई है।
आम यात्रियों की जेब पर बोझ
गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से एसटी निगम को बस किराए में इस बढ़ोतरी से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है। यह भी माना जा रहा है कि यह कदम कुछ हद तक पिछले साल हुए राजस्व घाटे की भरपाई करने का एक प्रयास है, जब दिवाली के त्योहार के दौरान किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। कुल मिलाकर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया यह फैसला भले ही निगम के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो, लेकिन यह निस्संदेह आम यात्रियों पर एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है।
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किराया बढ़ा, सुविधाएं कहां
दरअसल एसटी निगम आमतौर पर छुट्टियों के दौरान किराए में सीजनल बढ़ोतरी लागू करता है। हालांकि एसटी निगम से यह उम्मीद की जाती है कि वह किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मुहैया कराएगा, लेकिन कई जगहों पर बसों की साफ-सफाई, समय पर चलना और यात्रा में आराम को लेकर शिकायतें अभी तक बनी हुई हैं। नतीजतन यात्री यह सवाल उठा रहे हैं कि किराया तो बढ़ गया है लेकिन सुविधाएं कहां हैं?
