लापरवाही: भंडारा में अदालत के आदेश की अवहेलना, दिव्यांग कर्मचारी की न्याय के लिए लड़ाई
Bhandara Health Department: भंडारा स्वास्थ्य विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया में अनियमितता, दिव्यांग कर्मचारी के साथ अन्याय और अदालत के आदेश की अवहेलना का मामला उजागर हुआ ।
- Written By: आंचल लोखंडे
भंडारा में अदालत के आदेश की अवहेलना (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bhandara Health Department: जिला परिषद भंडारा के स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पदोन्नति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। लाखनी तहसील के स्वास्थ्य सहायक अनमोल बोदेले ने दावा किया है कि पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित पद को नियमों के अनुसार सुरक्षित नहीं रखा गया, जिससे अदालत के आदेश की अवहेलना हुई है। इस संबंध में उन्होंने जिला परिषद भंडारा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपी है।
स्वास्थ्य विभाग की 31 अगस्त 2024 की स्थिति के अनुसार, कुल 12 स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पद रिक्त थे। इनमें से तीन पद सीधी भर्ती से और शेष नौ पद 67:33 के अनुपात में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति द्वारा भरे जाने थे। इस नियम के तहत तीन महिला स्वास्थ्य सहायिकाओं को पदोन्नति दी जानी थी।
नियमों की अनदेखी का आरोप
शिकायत के अनुसार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए वरिष्ठ एवं पात्र कर्मचारी ए.एस. कुरसुंगे को शासन निर्णय दिनांक 7 मई 2021 की कलम 3(ब) के अंतर्गत अपात्र ठहराया। उनके स्थान पर कनिष्ठ कर्मचारी ममता बोकडे को पंचायत समिति पवनी में स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका (महिला) के रूप में पदोन्नत किया गया।
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इसके बाद क्रमशः विजया बोरकर (पं.स. साकोली), ए.एच. मेश्राम (पं.स. मोहाड़ी) और अंततः ए.एस. कुरसुंगे (पं.स. भंडारा) को पदोन्नति दी गई। इन चार पदोन्नतियों के बाद लाखनी तहसील कार्यालय में कार्यरत दिव्यांग वर्ग के स्वास्थ्य सहायक अनमोल बोदेले की पदोन्नति अपेक्षित थी। शासन निर्णय के अनुसार, उन्हें स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के रिक्त पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर सभी पद भर दिए गए यह आरोप बोदेले ने लगाया है।
न्यायालय में दायर की रिट याचिका
इस अन्याय के खिलाफ अनमोल बोदेले ने उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ में रिट याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तक एक पद रिक्त रखा जाएगा। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, वास्तव में सभी पद भर दिए गए, जिससे अदालत के आदेश का उल्लंघन हुआ है।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी का पक्ष
भंडारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिलिंद सोमकुवर ने कहा कि “पूरे मामले की जानकारी शिकायतकर्ता को दे दी गई है। यह प्रकरण न्यायालयीन विचाराधीन है। न्यायालय का निर्णय आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
