वापसी की बारिश से धान की फसल भारी नुकसान, किसानों के मुंह तक आया निवाला बारिश ने छीना

Unseasonal Rain: लाखांदुर तहसील के दिघोरी परिसर में शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे अचानक हुई मूसलधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
वापसी की बारिश से धान फसल किसानों को भारी नुकसान
वापसी की बारिश से धान फसल किसानों को भारी नुकसान (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Bhandara News: भंडारा लाखांदुर तहसील के दिघोरी परिसर में शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे अचानक हुई मूसलधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में काटकर रखा हुआ धान पूरी तरह पानी में भीग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पडा है। अब किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

इस साल की खरीफ सीजन शुरू से ही किसानों के लिए चुनौतीभरी रही। आरंभ में अपर्याप्त बारिश के कारण कई किसानों को नुकसान हुआ था, जबकि मध्य में हुई कुछ बारिश ने थोड़ी राहत दी थी। लेकिन अब लौटती बारिश ने किसानों की चिंता फिर से बढ़ा दी है।

नुकसानग्रस्त किसानों को भरपाई देने की मांग

कई किसानों ने हल्के किस्म के धान की कटाई पूरी कर खेतों में ढेर बनाकर रखा था। लेकिन 25 अक्टूबर को अचानक बरसी बारिश के चलते यह सारा धान पानी में भीग गया। अब इस धान को बाजार में उचित मुल्य मिलना मुश्किल हो गया है। किसान प्रशासन से तत्काल सर्वे कर नुकसानग्रस्त किसानों को भरपाई देने की मांग कर रहे हैं।

गिला सूखा घोषित करना चाहिए

दिघोरी विमुस अध्यक्ष वसंतराव हटवार ने कहा कि पिछले दो दिनों से पूरे लाखांदुर तहसील में आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे भारी धान फसलों में कीट रोग फैलने का धोका बढ़ गया है। पहले ही तुडतुडा और अन्य कीट रोगों से परेशान किसान अब लौटती बारिश से पूरी तरह हताश हो गए हैं।

किसानों का कहना है कि प्रशासन ने जल्द से जल्द सर्वे कराकर गिला सूखा घोषित करना चाहिए और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। अचानक आई लौटती बारिश से कई किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्रशासन को तुरंत सर्वे कर नुकसानग्रस्त किसानों को मुआवजा देना चाहिए।