Bhandara बनेगा विदर्भ का नया ‘जंक्शन’; भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे को मिली रफ्तार, ₹931 करोड़ का बजट मंजूर
Samruddhi Mahamarg Extension: भंडारा-गडचिरोली समृद्धि महामार्ग का होगा विस्तार। 23 किमी कम होगी दूरी, ₹931 करोड़ की लागत से बनेगा 4-लेन एक्सप्रेस-वे। विदर्भ के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार।
- Written By: प्रिया जैस
समृद्धि महामार्ग (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Bhandara Gadchiroli Expressway: विदर्भ की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। समृद्धी महामार्ग के विस्तार के तहत नागपुर-गोंदिया के साथ-साथ भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे के काम को युद्ध स्तर पर तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विस्तार से गडचिरोली जिले का राज्य के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे पूर्व विदर्भ के परिवहन क्षेत्र में बड़ी क्रांति आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विकास का विजन स्पष्ट किया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भंडारा की एक जनसभा में जिले के विकास का विजन स्पष्ट करते हुए कहा था कि समृद्धि महामार्ग का विस्तार गडचिरोली और गोंदिया तक होने के कारण भविष्य में भंडारा शहर इन तीनों जिलों का मुख्य केंद्र यानी ‘जंक्शन’ बनेगा। इससे जिले का भौगोलिक महत्व बढ़ेगा और व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा।
गड़चिरोली में लॉयड मेटल, टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू जैसी बड़ी कंपनियों के निवेश के बाद अब इस औद्योगिक विकास का लाभ भंडारा, गोंदिया और चंद्रपुर जिलों को भी मिलेगा। खनिज परिवहन को सक्षम बनाने के लिए यह महामार्ग बेहद प्रभावी साबित होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे क्षेत्र के पिछड़े औद्योगिक क्षेत्रों को नई संजीवनी मिलने की संभावना है।
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परियोजना की तकनीकी विशेषताएं
भंडारा-गडचिरोली समृद्धि महामार्ग लगभग 94.24 किमी लंबा 4-लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम की ओर से क्रियान्वित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 931 करोड़ रुपये से अधिक है।
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यह पूरी तरह सीमेंट कांक्रीट से निर्मित और एक्सेस कंट्रोल्ड मार्ग होगा। यह एक्सप्रेस-वे सावरखंडा से शुरू होकर कोकणागड और आगे बोरगांव से रणमोचन तक बनाया जाएगा, जिसमें भंडारा जिले के पवनी, लाखांदुर और गडचिरोली के आरमोरी जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।
- 94.24 किमी लंबा 4-लेन एक्सप्रेस-वे बनेगा
- 931 करोड़ रुपये अनुमानित लागत
- 534 करोड़ रुपये भू-संपादन के लिए धन
- 23 किमी दूरी होगी कम
23 किलोमीटर कम होगी दूरी
इस महामार्ग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे भंडारा और गडचिरोली के बीच की दूरी 23 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे समय और ईंधन की बड़ी बचत होगी। साथ ही, पूर्व विदर्भ के ये जिले सीधे मुंबई से जुड़ जाएंगे। सितंबर 2025 में कैबिनेट की ओर से मंजूर इस परियोजना के लिए 931.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 534 करोड़ रुपये सीधे भू-संपादन मुआवजे के लिए निश्चित हैं।
इस मार्ग के लिए भंडारा, नागपुर और गड़चिरोली जिलों के 60 गांवों से लगभग 1,013 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। वर्तमान में भंडारा जिले के लाखांदुर, लाखनी और पवनी तहसील में संयुक्त माप का कार्य पूर्ण हो चुका है और मुआवजे के निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 50 प्रतिशत भू-संपादन पूरा होते ही परियोजना के कार्यादेश जारी कर दिए जाएंगे।
