भंडारा पेट्रोल पंप पर भीड़ (सौजन्य-नवभारत)
Fuel Crisis Maharashtra Update: मध्य-पूर्व में जारी आखाती युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो गई है, जिसका सीधा असर अब भंडारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो जाने से नो पेट्रोल के बोर्ड लगे हुए हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मध्य-पूर्व के देशों में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और सप्लाई चेन बाधित हुई है। तेल कंपनियों से सीमित आपूर्ति मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म हो गया है। शहर के कुछ ही पंपों पर ईंधन उपलब्ध होने से वहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर नागरिकों के बीच बहस और अव्यवस्था की स्थिति भी देखी जा रही है।
शहर के प्रमुख चौक और हाईवे स्थित अधिकतर पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म के बोर्ड लगे हैं। कई वाहन चालकों को अपने वाहन धक्का देकर ले जाने की नौबत आ गई है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पांच पंपों पर घूम लिया, लेकिन कहीं पेट्रोल नहीं मिला, अब काम पर कैसे जाएं? ऐसा सवाल परेशान नागरिक उठा रहे हैं।
ईंधन संकट की खबर फैलते ही लोगों में भय का माहौल बन गया है। भविष्य में पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि या आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की आशंका से कई लोग पेट्रोल का भंडारण करने लगे हैं। बोतलों और कैनों में पेट्रोल भरकर ले जाने वालों की संख्या बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो रही है। प्रशासन के सामने साठेबाजी रोकना बड़ी चुनौती बन गया है।
इस संकट का असर आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। एंबुलेंस, दूध सप्लाई और सब्जी परिवहन करने वाले वाहनों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की आशंका है। स्कूल बस और ऑटो-रिक्शा सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को दिक्कत हो रही है।
बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए पेट्रोल पंपों पर पुलिस बंदोबस्त की मांग उठ रही है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि तेल कंपनियों से समन्वय कर जल्द आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, साठेबाजी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की जा रही है।
यह भी पढ़ें – नागपुर में पेट्रोल का हाहाकार! सरकारी दावे ‘ऑल इज वेल’, पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड, जानें क्राइसिस की असली वजह
हम सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े हैं। दो घंटे इंतजार के बाद पता चला कि पेट्रोल खत्म हो गया है। प्रशासन को कम से कम जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन उपलब्ध कराना चाहिए।
पेट्रोल पंप संचालक कहा कहना है कि सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण स्टॉक सीमित है। कंपनी से टैंकर आने के बाद ही स्थिति सुधरेगी। नागरिक घबराकर भंडारण न करें।