वर्धा से गुजरने वाले ये हाईवे बन रहे हैं ‘किलर रोड’; 60 दिनों में 34 मौतें, आखिर कब थमेगा हादसों का सिलसिला?
Wardha Road Accident Report: वर्धा की सड़कों पर मौत का तांडव! 2 महीने में 68 हादसों में 34 की मौत। समृद्धि महामार्ग और नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार बनी काल। जानें जिले के 32 ब्लैक स्पॉट्स का हाल।
- Written By: प्रिया जैस
वर्धा में हादसे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Samruddhi Mahamarg Accidents Wardha: वर्धा जिले में सड़क हादसों में कोई कमी नहीं आ रही है। हर साल दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। वर्तमान वर्ष के जनवरी और फरवरी माह में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 68 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 32 हादसे इतने भीषण थे कि 34 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अन्य दुर्घटनाओं में 29 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 21 लोग मामूली रूप से जख्मी बताए गए।
इस प्रकार दो माह में हुए 68 सड़क हादसों में कुल 34 लोगों की मृत्यु और 50 लोगों के घायल होने की जानकारी यातायात विभाग ने दी है। संबंधित विभाग द्वारा सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए विभिन्न उपाय योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। हर वर्ष सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की जाती है।
इसके बावजूद वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं। वर्धा जिले से समृद्धि महामार्ग, नागपुर–तुलजापुर हाईवे, वर्धा-छत्रपति संभाजीनगर हाईवे तथा नागपुर–हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें गुजरती हैं, जहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण वाहनों की तेज रफ्तार बताया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में आसमान से बरस रही आग; लू की चपेट में आने से 6 की मौत, विदर्भ में 350 से ज्यादा बीमार
मुंबई पर मंडराया जल संकट: 15 मई से पूरे महानगर में 10% पानी की कटौती लागू
OBC आरक्षण पर बड़ी अपडेट: देवेंद्र फडणवीस सुलझाएंगे ओबीसी आरक्षण की तकनीकी गुत्थी
पत्नी के नाम पर लिया कमरा पहुंचा प्रेमिका के साथ, मुंबई के नामी होटल में की धोखधड़ी, पत्नी ने दर्ज कराया मामला
इसके अलावा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का उपयोग न करना, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना जैसी लापरवाही भी सामने आती है। वहीं कार चालक सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते, जिससे नियंत्रण खोने पर दुर्घटनाएं होती हैं।
जिले में 32 ब्लैक स्पॉट
जिले में 32 जगह ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित किए गए हैं, जहां आवश्यक उपाय किए गए हैं, लेकिन इन संकेतों की अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी माह में 29 दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 19 लोगों की मौत हुई और 17 लोग घायल हुए। वहीं फरवरी माह में 39 हादसे हुए, जिनमें 15 लोगों की मृत्यु और 33 लोग घायल हुए।
यह भी पढ़ें – अशोक खरात ने 5 लोगों की दी नरबलि! नासिक सेक्स स्कैंडल मामले में खुले कई राज, कोर्ट भी चकराया
प्वाइंटर…
32 हादसे में 34 लोगों की मौत
29 घायल, 21 मामूली रूप से जख्मी
2025 में 355 सड़क दुर्घटनाएं
73 हादसे गंभीर हादसों में 187 की मौत
वर्ष 2025 में हुए 355 हादसे
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में जिले में कुल 355 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 173 हादसे गंभीर श्रेणी के थे। इन हादसों में 187 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 155 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। कई लोगों को स्थायी रूप से शारीरिक नुकसान भी उठाना पड़ा। वहीं 188 लोग मामूली रूप से घायल हुए। कुछ मामलों में समय पर राहत मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
