भंडारा में वन विभाग के पौधारोपण कार्यों पर लगा ‘ब्रेक’, अनुमति के अभाव में 16 प्रोजेक्ट अटके; लक्ष्यों पर संकट
भंडारा जिले में वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पौधारोपण के 16 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अनुमति न मिलने से कार्य अटके हुए हैं। इससे लक्ष्यों पर संकट मंडरा रहा है।
Bhandara Forest Department News: भंडारा जिले के हरित आवरण को बढ़ाने और पर्यावरण को संतुलित रखने के उद्देश्य से वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।विभाग ने इस वर्ष जिले के विभिन्न हिस्सों में पौधारोपण के 16 महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
हालांकि, नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए एक महीना बीतने को है, लेकिन अभी तक इन कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। शासन स्तर पर अनुमति लंबित होने के कारण जमीनी स्तर पर गड्ढे खोदने और मिट्टी तैयार करने जैसे मानसून पूर्व कार्य ठप पड़े हैं, जिससे इस वर्ष के लक्ष्यों पर संकट मंडरा रहा है।
भंडारा जिले में वन विभाग न केवल प्रकृति संरक्षण बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का भी बड़ा जरिया है। वन विशेषज्ञों के अनुसार, पौधारोपण की सफलता काफी हद तक मानसून से पहले की जाने वाली तैयारियों पर निर्भर करती है। अप्रैल और मई के महीनों में जमीन की खुदाई और मिट्टी का उपचार करना अनिवार्य होता है ताकि पहली बारिश के साथ ही पौधरोपण किया जा सके।
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यदि अनुमति मिलने में और देरी होती है, तो जून में अचानक काम शुरू करना चुनौतीपूर्ण होगा और पौधों के जीवित रहने की दर सर्वाइवल रेट भी कम हो सकती है। फिलहाल 16 नए प्रस्तावों पर मंजूरी न मिलने से स्थानीय स्तर पर निराशा देखी जा रही है। फिलहाल, जिले के सभी वन परिक्षेत्रों के कर्मचारी और काम की आस लगाए बैठे मजदूर शासन के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि रुके हुए विकास कार्यों को गति मिल सके।
भंडारा वन विभाग में पौधरोपण पर नजर मेंपूर्ण कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 30कुल सृजित मानव दिवस रोजगार 7,445कार्यरत वन परिक्षेत्रों की संख्या 10वन क्षेत्र में किया गया काम 361 हेक्टेयरपिछले वर्ष किया गया खर्च 25,98,345 मुख्य बिंदू वर्तमान में 16 नए प्रोजेक्ट्स को प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है।
समय पर अनुमति न मिलने से मानसून पूर्व तैयारियां प्रभावित हो रही है। मंजूरी मिलने से रोजगार और पौधारोपण प्रक्रिया में गति आएगी। यह एक प्रक्रियात्मक देरी प्रस्ताव तकनीकी जांच के बाद शासन के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे जा चुके हैं।
यह सच है कि 16 नए पौधारोपण कार्यों के लिए प्रशासनिक अनुमति का इंतजार है, लेकिन यह एक प्रक्रियात्मक देरी है। हमने पिछले वर्ष भी बेहतर प्रदर्शन किया था और इस वर्ष भी हमारा लक्ष्य पर्यावरण संवर्धन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार देना है।
शासन स्तर पर निरंतर संपर्क साधा जा रहा है और हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ ही दिनों में इन कार्यों को हरी झंडी मिल जाएगी। अनुमति मिलते ही युद्ध स्तर पर मानसून पूर्व कार्य शुरू कर दिए जाएंगे ताकि समय सीमा के भीतर पौधारोपण का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
योगेंद्र सिंह, उपवनसंरक्षक, वन विभाग भंडारा
