सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं पर टैक्स लगाने की तैयारी, ग्राहक पंचायत ने दी विदर्भ भर में आंदोलन की चेतावनी
Bhandara News: महाराष्ट्र सरकार द्वारा सौर ऊर्जा और कैप्टिव बिजली उत्पादन पर नया शुल्क लगाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। ग्राहक पंचायत ने इसे निवेश विरोधी और असंवैधानिक करार दिया है।
Bhandara Solar Consumer Protest News: राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग की ओर से 21 अप्रैल को जारी किए गए एक नए आदेश ने सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। इस आदेश के तहत अपने स्वयं के उपयोग के लिए सौर ऊर्जा तैयार करने वाले और कैप्टिव बिजली उत्पादन करने वाले ग्राहकों पर बिजली शुल्क और अतिरिक्त कर लगाने का प्रस्ताव है।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, विदर्भ प्रांत ने इस निर्णय को पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिजली ग्राहकों के खिलाफ बताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया है। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने महाराष्ट्र बिजली नियामक आयोग का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बिजली कानून 2003 के अनुसार, कैप्टिव बिजली उत्पादन स्वयं के उपयोग के लिए होता है, इसे बिक्री नहीं माना जा सकता। इसलिए इस पर कर लगाना कानूनी रूप से गलत है।
संगठन का तर्क है कि एक ओर केंद्र सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन नीतियां बना रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार कर लादकर सामरिक विरोधाभास पैदा कर रही है। जिन ग्राहकों ने सरकार की नीतियों पर भरोसा कर सौर ऊर्जा में बड़ा निवेश किया, उस समय ऐसे किसी कर का प्रावधान नहीं था। अब अचानक रेट्रोस्पेक्टिव पिछली तारीख से कर लागू करना संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है।
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ग्राहक पंचायत ने आशंका जताई है कि इस निर्णय से सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश कम होगा, जिसका सीधा असर औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और नए रोजगार सृजन पर पड़ेगा। इससे ग्राहकों के मन में शासन के प्रति अविश्वास की भावना पैदा होगी।
संगठन ने मांग की है कि स्वउपभोग वाली बिजली पर कोई शुल्क न लगाया जाए और पुराने सौर परियोजनाओं को ग्रैंडफादरिंग संरक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही भविष्य में कोई भी नीति बनाने से पहले सार्वजनिक परामर्श किया जाना चाहिए।
यह निर्णय एक हाथ से रियायत देकर दूसरे हाथ से छीनने जैसा है। बिजली कानून के तहत स्वयं की बिजली बिक्री नहीं है, फिर शुल्क कैसा यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो संगठन पूरे विदर्भ में सड़कों पर उतरेगा। नितिन काकड़े, संगठन मंत्री, अ.भा. ग्राहक पंचायत, भंडारा
हमारा निवेश खतरे में हमने लाखों रुपये खर्च कर सोलर पैनल लगाए हैं। अब अचानक कर लादने से हमारा निवेश खतरे में है। ऐसी नीतियों के कारण भविष्य में कोई भी सामान्य व्यक्ति सौर ऊर्जा की ओर नहीं मुड़ेगा। समीर शेंडे, सौर ऊर्जा ग्राहक
