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भंडारा जिले में जनवरी 2026 से अब तक गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 117 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।
नए स्वीकृत प्रस्तावों के लाभार्थियों को सहायता राशि मिलने के लिए राज्य सरकार से फंड मिलने का इंतजार है।
वर्ष 2025 के अंत तक स्वीकृत 124 प्रस्तावों में से 109 लाभार्थियों को कुल 2.17 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
Bhandara Agriculture Department: खेती-किसानी के दौरान होने वाली अप्रत्याशित दुर्घटनाओं के शिकार किसान परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत भंडारा जिले में प्रस्तावों की मंजूरी और जांच की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 से लेकर अब तक जिले में कुल 117 नए प्रस्तावों को शासन स्तर से स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन स्वीकृत प्रस्तावों के एवज में 2 करोड़ 34 लाख रुपए की सहायता राशि का प्रत्यक्ष वितरण होना बाकी है, जिसके लिए कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से फंड उपलब्ध कराने की कवायद जोर-शोर से की जा रही है।
कृषि विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक जिले में किसान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत कुल 186 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। विभागीय समिति की ओर से की गई गहन छानबीन के बाद इनमें से 124 पात्र प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि विभिन्न तकनीकी खामियों के कारण 62 प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया। स्वीकृत 124 प्रस्तावों में से 109 पात्र लाभार्थियों को कुल 2 करोड़ 17 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में सफलतापूर्वक वितरित की जा चुकी है, जिससे पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहारा मिला।
117 नए प्रस्तावों को स्वीकृति, राशि मिलते ही होगा भुगतान चालू वर्ष यानी जनवरी 2026 से अब तक 117 नए प्रस्तावों को आधिकारिक मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। हालांकि, इन मंजूर प्रस्तावों के निष्पादन के लिए आवश्यक 2.34 करोड़ रुपए का अनुदान अभी राज्य शासन स्तर से प्राप्त होना शेष है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही यह राशि विभाग को आवंटित होगी, नियमानुसार बिना किसी देरी के सभी पात्र लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। इसके लिए राज्य स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
खेतों में काम करते समय या अन्य दुर्घटनाओं के कारण परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने अथवा स्थायी विकलांगता आने पर किसान परिवारों के सामने अचानक गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में यह योजना पीड़ित परिवारों को आर्थिक तंगी से उबारने में बेहद मददगार साबित होती है।
भंडारा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने कहा कि किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत स्वीकृत प्रस्तावों के लाभार्थियों को जल्द से जल्द सहायता राशि मिले, इसके लिए विभाग की ओर से जरूरी कार्रवाई की जा रही है। लंबित फंड का मुद्दा शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया गया है। फंड प्राप्त होते ही नियमानुसार पात्र लाभार्थियों को लाभ वितरित कर दिया जाएगा। पीड़ित किसान परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।