

छत्रपति संभाजीनगर के सिडको उड़ानपुल पर होर्डिंग का ढांचा गिरा।
अचानक हुए इस हादसे में दोपहिया वाहन चालक गंभीर घायल हुआ।
शहर में लगे अवैध होर्डिंग पर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग उठी।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Hoarding Action: छत्रपति संभाजीनगर शहर के सिडको उड़ानपुल पर मंगलवार को होर्डिंग का लोहे का ढांचा दोपहिया वाहन के सामने गिरने से चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक हुई इस घटना से सड़क पर कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने घायल की मदद की। पीछे से तेज गति से आ रहे वाहनों के बीच बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने शहर में लगे होर्डिंग की सुरक्षा का प्रश्न फिर सामने ला दिया है।
महापौर समीर राजूरकर ने शहर को अनधिकृत होर्डिंग से मुक्त बनाने की पहल की थी। इसके बाद महानगरपालिका की ओर से अभियान चलाकर कई होर्डिंग हटाए गए और संबंधित लोगों के विरुद्ध मामले भी दर्ज किए गए। हालांकि, शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और पथदीपों के खंभों पर जन्मदिन, सार्वजनिक कार्यक्रमों तथा राजनीतिक प्रचार से जुड़े होर्डिंग अब भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई को नियमित बनाए रखने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
उधर,छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के अतिक्रमण हटाव विभाग के नियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले ने बताया कि अनधिकृत होर्डिंग के विरुद्ध नियमित कार्रवाई करने के निर्देश वार्ड अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति की दोबारा समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कुछ महीने पहले मुकुंदवाड़ी क्षेत्र में मंदिर के ऊपर लगा अवैध होर्डिंग हटाते समय बिजली का झटका लगने से महानगरपालिका के एक कर्मचारी की मृत्यु हो गई थी। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था। इसके बाद होर्डिंग हटाने का अभियान चलाया गया था। सिडको की ताजा घटना से स्पष्ट है कि होर्डिंग की मजबूती और सुरक्षित स्थापना पर ध्यान देना जरूरी है।
शहर में होर्डिंग लगाने से पहले अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। नियमित निरीक्षण तथा असुरक्षित ढांचों को समय पर हटाने से नागरिकों की सुरक्षा की जा सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।