भंडारा में कृषि यंत्रीकरण योजना को रफ्तार, 9.90 करोड़ की निधि से किसानों को बड़ी राहत
Bhandara News: भंडारा में आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 9.90 करोड़ की निधि प्राप्त हुई है। अब तक लगभग 9 करोड़ का अनुदान किसानों के बैंक खातों में सीधे जमा किया गया है।
- Written By: रूपम सिंह
Bhandara Agriculture News (फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Agriculture News: भंडारा जिले के कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रीकरण योजना अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के माध्यम से भंडारा जिले को 9 करोड़ 90 लाख 27 हजार 145 रुपये की निधि प्राप्त हुई है। इस धनराशि से किसानों को अत्याधुनिक कृषि उपकरण और मशीनरी उपलब्ध कराई जा रही है।
अब तक 8 करोड़ 92 लाख 57 हजार 548 रुपये का अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किया जा चुका है। महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से इस योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। इस वर्ष जिले के 9 हजार 885 किसानों ने कृषि उपकरणों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
पुराने वर्ष के आवेदनों को लेकर लॉटरी पद्धति के जरिए अबतक कुल 25 हजार 112 किसानों का प्रारंभिक चयन किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए पहले अनिवार्य रही 30 दिनों के भीतर खरीदारी की शर्त को अब शिथिल कर दिया गया है, जिससे किसानों को अपनी सुविधा अनुसार मशीनरी खरीदने का अवसर मिल रहा है।
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2,021 किसानों के आवेदन प्राप्त हुए
भंडारा जिला मुख्य रूप से धान उत्पादक क्षेत्र होने के कारण यहां पैड़ी ट्रांसप्लांटर और कंबाइन हार्वेस्टर की भारी मांग है। इस वर्ष पैडी ट्रांसप्लांटर के लिए 141 और हार्वेस्टर के लिए 1,880 किसानों ने आवेदन किए हैं।
इसके अतिरिक्त, 67 किसानों ने मानव चलित और बैल चलित उपकरणों का लाभ उठाया है। अनुदान के नियमों के तहत ट्रैक्टर के लिए लघु, सीमांत और महिला लाभार्थियों को 1.25 लाख रुपये तक, जबकि बड़े किसानों को 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। अन्य उपकरणों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
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तकनीकी जांच पर विशेष जोर
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एक लाख रुपये से अधिक मूल्य की मशीनों की जांच मंडल कृषि अधिकारियों की ओर से और उससे कम कीमत की मशीनों की जांच उप कृषि अधिकारियों के माध्यम से की जाती है। लाभार्थियों के बिल जमा करने के बाद शासन स्तर से निधि उपलब्ध होने पर 15 दिनों के भीतर अनुदान राशि सीधे खाते में भेज दी जाती है, विभाग का मुख्य लक्ष्य किसानों के समय की बचत करना है ताकि जिले के किसान यंत्रीकरण से जुड़कर उत्पादन बढ़ा सकें।
