forest department action (सोर्सः सोशल मीडिया0
Dighori Nanhori Incident: लाखनी तहसील के दिघोरी-नान्होरी क्षेत्र में मानव बस्ती के समीप पहुंच गए एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने सतर्कता और सूझबूझ के साथ पकड़ लिया। सोमवार दोपहर की गई इस कार्रवाई से पिछले 24 घंटों से दहशत में रह रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पकड़े गए तेंदुए को चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
रामपुरी नियतक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में रविवार को तेंदुए की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को मिली थी। तेंदुआ बस्ती के बेहद करीब होने से ग्रामीणों में भय का माहौल था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भंडारा से वन्यजीव बचाव दल और त्वरित कार्रवाई दल को तत्काल बुलाया गया।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विठ्ठल हटवार द्वारा तैयार बेहोशी की दवा का उपयोग करते हुए शार्प शूटर अनिल शेलके ने तेंदुए को सटीक डार्ट मारा। तेंदुआ बेहोश होते ही टीम ने उसे सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया।
चिकित्सकीय परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया। यह अभियान उपवनसंरक्षक योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस दौरान सहायक वनसंरक्षक संजय मेंढे, सचिन निलख, पुलिस निरीक्षक बारसे, वनपरिक्षेत्र अधिकारी नितेश धनविजय, जीवविज्ञानी शुभम मोदनकर तथा वन विभाग के कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभियान के दौरान स्थानीय सरपंच, पुलिस पाटिल और ग्रामीणों ने प्रशासन को सहयोग दिया। भंडारा वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव मानव बस्ती में दिखाई दे, तो स्वयं जोखिम न उठाएं और न ही जानवर को उकसाएं। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग के नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।